स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार की दोपहर को नोडल अधिकारी डॉक्टर एमआई आलम के नेतृत्व में अप्रशिक्षित चिकित्सकों के यहां छापा मारा। टीम ने अप्रशिक्षित चिकित्सकों के क्लीनिक सील कर दिए, जबकि एक अन्य पर कार्रवाई के लिए नोटिस चस्पा किया गया है।
कार्रवाई से अप्रशिक्षित चिकित्सकों में खलबली मच गई। कई अप्रशिक्षित चिकित्सक अपने क्लीनिक बंद कर भाग गए। गौरतलब है कि गांव भेंकुरी के कुछ ग्रामीणों ने तहसील दिवस और आईजीआरएस पोर्टल पर अप्रशिक्षित चिकित्सकों के बारे में शिकायत की थी। इस क्रम में यह कार्रवाई की गई।
नोडल अधिकारी डॉ. आलम ने बताया कि छापे के दौरान गांव भेंकुरी के डॉ. सत्यपाल सिंह के यहां दो मरीज वंदना और लक्ष्मी भर्ती मिलीं। अप्रशिक्षित चिकित्सक दोनों मरीजों का एलोपैथी विधि से उपचार करते हुए मिले। चिकित्सक डॉ. सेठी के यहां मरीज उपचार करा रहे थे। दोनों चिकित्सकों के क्लीनिक पर नोटिस चस्पा किए गए।
नोटिस में इन चिकित्सकों को चिकित्सकीय पंजीकरण और शैक्षिक योग्यता संबंधी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। चेतावनी दी गई है कि अगर 15 सितंबर तक वह मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए तो उनको झोलाछाप चिकित्सक की श्रेणी में रखते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।