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लोधा लूटकांड का खुलासा, दो पशु लुटेरे मुठभेड़ में गिरफ्तार

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मुठभेड़ में घायल अभियुक्त आजाद। - फोटो : CITY OFFICE
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थाना लोधा के गांव नेहरा में पिछले सप्ताह हुई घर में पशु लूट की घटना के मुख्य आरोपी पेशेवर पशु लुटेरे बुधवार रात दबाचे लिए गए। लोधा क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में दोनों पेशेवर पशु लुटेरे सगे भाइयों को दबोचा गया है। दोनों पैरों में गोली लगने से जख्मी हुए हैं। उन्होंने पूछताछ में कुछ अन्य घटनाएं भी स्वीकारी हैं। अभी इस गैंग के दो सदस्य फरार हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
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एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत के अनुसार क्षेत्र में लगातार हो रही पशु लूट व पशु तस्करी की घटनाओं की रोकथाम को लेकर चलाए जा रहे अभियान के क्रम में रात सर्विलांस की मदद से लोधा पुलिस इलाके में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुकुटपुर बंबा के पास बुलट बाइक सवार दो बदमाशों को घेरा गया तो उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में दोनों पैर में गोली लगने से जख्मी हो गए और वहीं गिर पड़े। तत्काल दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान उन्होंने अपने नाम जमील अहमद व आजाद पुत्रगण छंगा उर्फ अयूब खां निवासी नगला भीमा मेवाती नगला सासनी हाथरस बताए। उनके पास से बाइक के अलावा तमंचे कारतूस आदि बरामद हुए।
उन्होंने पूछताछ में 15 फरवरी को गांव नेहरा में परिवार को बंधक बनाकर 7 पशुओं व नकदी आदि लूटना स्वीकारा। इस घटना में उनके दो अन्य साथी शामिल थे। इसके अलावा 10 फरवरी को हरिदासपुर व लोधा में पशु लूट, मडराक क्षेत्र में पशुओं की चोरी की घटनाएं स्वीकारीं। उन्होंने बताया कि रात में वे लोधा के ही गांव रायट में पशु चोरी के इरादे से घूम रहे थे। उन्होंने बताया कि दिन में वे गांव में पशु खरीदने के बहाने से घूमकर रैकी कर लेते थे और आसान लक्ष्य तय कर रात में वारदात को अंजाम देते थे। पकड़े गए अपराधियों पर सासनी, मडराक, लोधा, छर्रा, अकराबाद व इगलास आदि थानों में कुल 21 मुकदमे दर्ज हैं। वे पेशेवर पशु लुटेरे हैं और दोनों सगे भाई हैं।
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ये रही गिरफ्तारी टीम
इस गिरफ्तारी टीम में एसओ लोधा अभय शर्मा, एसआई धीरज सिंह, राजू राणा, सर्विलांस प्रभारी संजीव कुमार के अलावा गौरव राज, घनश्याम सिंह, दुर्वेश आदि शामिल रहे।
मीट फैक्टरियों के दलालों को बेच देते पशु
रात में पशुओं को लूटने या चोरी करने के बाद वे पैदल ले जाते थे और पास की मीट फैक्टरियों के आसपास रहने वाले पशुओं के दलालों को बेच देते थे। उनसे कीमत वसूलने के बाद वे चुपचाप वहां से निकल जाते थे। ये पशुओं के दलाल उन्हें कट्टी में कटवा देते थे।

मुठभेड़ में घायल अभियुक्त जमील अहमद।- फोटो : CITY OFFICE

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