सराफ से लूट के आरोपी पुलिस की गिरफ्त में।
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पिसावा में सराफ जीजा-साले संग हुई लूट को बुलंदशहर के बदमाशों ने अंजाम दिया था। पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है और लूट की रकम में से 50 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं। खास बात है कि सराफ के बैग में सिर्फ एक लाख रुपये ही गए थे। शेष चार लाख रुपये सराफ की तिजोरी में रखे मिल गए हैं। अब पुलिस तीन फरार बदमाशों की तलाश में जुटी है।
एसपी देहात शुभम पटेल ने शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि कस्बा पिसावा के राज ज्वैलर्स के स्वामी अजय वर्मा संग 24 फरवरी की शाम लूट की वारदात हुई थी। घटना के वक्त वे अपने साले संग दुकान बंद कर जा रहे थे। सराफ के अनुसार तभी बदमाशों ने पांच लाख रुपयों का बैग लूटा था। इस घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज कर थाना पुलिस ने सर्विलांस की मदद से सीसीटीवी फुटेज आदि साक्ष्य एकत्रित किए। जांच में पांच बदमाश प्रकाश में आए। इसी क्रम में 25 फरवरी की रात करीब एक बजे पिसावा खुर्जा मार्ग पर जलोखरी गेट के पास चेकिंग में स्कार्पियो सवार दो व्यक्ति दबोचे गए, जिन्होंने अपने नाम रवि निवासी कलाखोरी जहांगीरपुर, बुलंदशहर व रोहित उर्फ बंटी निवासी नगला मुरारी साईं विहार बन्नादेवी बताए। उनके पास से दो तमंचे, कारतूस के अलावा 25-25 हजार रुपये भी बरामद हुए। पूछताछ में दोनों ने सराफ संग लूट करना स्वीकारा। यह भी बताया कि लूट को पैदल अंजाम देने के बाद रवि की इसी स्कार्पियो से सभी लोग भागे थे। पकड़े गए बदमाशों ने स्वीकारा कि लूट की रकम में से आधी रकम अपने पास रख, शेष तीनों को देकर वे अलग हो गए थे।
उन्होंने अपने अन्य साथियों के नाम कपिल निवासी नेकपुर जहांगीरपुर बुलंदशहर, रॉकी उर्फ राकेश उर्फ लौकी व सचिन ( रॉकी का चाचा) निवासी सरायघासी सिकंदराबाद बुलंदशहर का शामिल होना भी बताया। उन्होंने बताया कि बॉर्डर के गांव के कपिल का कस्बा पिसावा में आना जाना है। उसी ने इस लूट को प्लान करते हुए पहले पूरी रैकी थी। फिर अपने लुटेरे दोस्तों के गैंग को एकत्रित कर इस वारदात को अंजाम दिया। इस गैंग पर बुलंदशहर आदि में भी अपराध दर्ज हैं। इस खुलासे में एसओ जितेंद्र भदौरिया व सर्विलांस प्रभारी संजीव कुमार की टीम शामिल रही।
बैग में मिली चाभी, तिजोरी में मिले 4 लाख
एसपी देहात के अनुसार पुलिस जांच के दौरान बृहस्पतिवार शाम बदमाशों द्वारा लूटा गया खाली बैग पास ही खेत में मिल गया था। उसी में सराफ की तिजोरी की चाभी भी मिल गई थी। इस चाभी की मदद से जब तिजोरी खोल कर देखी तो उसमें 4 लाख रुपये मिल गए। इस पर वादी सराफ ने स्वीकारा कि उसने हड़बड़ाहट में पांच लाख रुपये लुटना लिखकर दिया था। मगर उसके एक लाख रुपये ही लुटे हैं। शेष रकम तिजोरी में रखी मिल गई है।