फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीवी सीरियल ने जुदा कर दीं राहें

Sun, 27 Dec 2015 02:03 AM IST
अलीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
अलीगढ़। टीवी सीरियलों में दिखाए जाने वाले साजिश के किस्से और सास द्वारा उनको घर में अपनाए जाने से दो साल के दांपत्य बंधन की गाड़ी पटरी से उतर गई। अदालत में बात के पहुंचने के बाद तय हुआ है कि दोनों पक्ष (पति और पत्नी) अलग हो जाएंगे। इनके समझौता नामा को आगामी दो जनवरी को अदालत में स्वीकार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन


 इस तरह नए साल में दो साल पुराने दंपतियों की नई राहें होंगी। यहां पर गौरतलब यह है कि टीवी सीरियलों के परिवार पर पड़ रहेइस तरह के प्रभावों के विषय में अदालत ने भी चिंता जाहिर की।

वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश शर्मा ने बताया कि मूल रूप से डिबाई के रहने वाले युवक की शादी हरदुआगंज क्षेत्र की एक लड़की से दो वर्ष पहले हुई थी। अदालत में महिला ने कहा कि जज साहब उसका पति निखट्टू और बेहद शक्की है। इस पर उसकी सास टीवी सीरियल देखकर उसमें प्रताड़ित करने के लिए जो षड्यंत्र दिखाए जाते हैं, वह घर में रचती है।
विज्ञापन


इन सबके चलते उसका जीवन तबाह हो गया है और वह अपना जीवन समाप्त कर लेना चाहती है। उसे इस यातना से मुक्ति चाहिए। अदालत ने पूछा क्या दोनों पक्ष अलग हो सकते हैं। दोनों ने कहा हां। इस पर अदालत ने कहा ठीक है नए वर्ष में 2 जनवरी को दोनों की राहें अलग कर दी जाएंगी। समझौतों के संबंध में दो जनवरी को समझौता नामा अदालत में स्वीकार कर लिया जाएगा।

क्या सीरियल घरों को भी बिगाड़ रहे हैं
प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब कहते हैं कि इन दिनों कुछ टीवी धारावाहिकों में इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। इतिहास के इस मनमाने चित्रण से इतिहास का ही नुकसान हो रहा है। ठीक इसी तर्ज पर टीवी धारावाहिक ों में मूल्यों के पतन का चित्रण भी कहीं न कहीं मानस मन को प्रभावित करता है। हालांकि सीरियलों के शुरू डिस्क्लेमर दिया जाता है कि सभी पात्र काल्पनिक हैं, लेकिन इसको कोई नहीं पढ़ता।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें