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मां की हत्या करने की कोशिश, 10 साल की कैद

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आठ साल पहले मां की गोली मारकर हत्या करने की कोशिश करने वाले बेटे को अदालत ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उसके एक साथी को भी 10 साल कैद की सजा सुनाई है।
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एडीजीसी क्रिमिनल कुमारी जीतू वार्ष्णेय ने बताया कि जवां के गांव माधोगढ़ के रहने वाले श्योवीर पुत्र मोहन लाल ने थाना जवां में 12 अक्तूबर 2011 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा था कि वह अपने घर में अपनी पत्नी शकुंतला देवी के साथ था। तभी उसका बड़ा बेटा सुभाष आया और जमीन में हिस्सा मांगने लगा। नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने लगा। उसके साथ अकराबाद के धौरई का रहने वाला गंगाराम भी था। उसकी पत्नी ने दरवाजा नहीं खोला तो सुभाष ने गोली चला दी जो उसकी पत्नी शकुंतला देवी के लगी।
उसे मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। यहां उपचार के बाद किसी तरह जान बच सकी। मामले की सुनवाई अदालत में हुई। जिसके बाद अदालत ने सुभाष व गंगाराम को दोषी माना। दोनों को दस दस वर्ष की कैद और 10-10 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई गई है।
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दहेज हत्या में पति सहित तीन को कैद
दहेज के लिए उत्पीड़न और हत्या कर दिए जाने के मामले में अदालत ने 16 साल बाद दो आरोपियों को 10-10 वर्ष की कैद और एक महिला आरोपी को तीन वर्ष की कैद की सजा सुनाई है।
सन 2003 में फतेह सिंह ने अपनी बेटी बेबी की शादी इगलास के गांव गुरुसेना निवासी संजय सिंह से की थी। शादी के बाद से ही बेबी का दहेज के लिए उत्पीड़न किया जाने लगा। 8 दिसंबर 2005 को एक लाख रुपये न देने पर बेबी की हत्या कर दी गई। इस मामले में बेबी के पिता ने पति संजय सिंह, राज पाल सिंह और रेनू सिंह के खिलाफ उत्पीड़न और हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
अदालत में मामले की सुनवाई के बाद पति संजय सिंह, राजपाल सिंह को दस -दस वर्ष की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जबकि रेनू देवी को तीन वर्ष कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
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