अलीगंज के लॉजिस्टिक कारोबारी व सीमेंट सप्लायर संदीप गुप्ता हत्याकांड का जिस गति से पुलिस ने खुलासा किया, अब उसी तेजी से ट्रायल शुरू कराने की कवायद हो रही है। घटना के सात माह में अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया के लिए 20 जुलाई तारीख नियत है। हालांकि पिछली दो तारीखों पर अलग-अलग कारणों से आरोप तय नहीं हो सके। पुलिस विवेचना के अभी तक के अध्ययन से अभियोजन को 14 गवाह ऐसे महसूस हो रहे हैं, जिनकी गवाही अदालत में होना जरूरी है।
पश्चिमी यूपी के लॉजिस्टिक कारोबार व सीमेंट आपूर्ति कारोबार में रसूख रखने वाले संदीप गुप्ता की हत्या गांधी आई तिराहे पर की गई थी। सीसीटीवी फुटेज से उजागर हुआ कि संदीप की हत्या उनके रिश्ते के दामाद अंकुश अग्रवाल व उसके ट्रांसपोर्टर पिता ने कराई है। हत्या के मूल में अंकुश का अपनी पत्नी दीप्ति से विवाद था।
इसी विवाद के समझौते में संदीप गुप्ता ने अंकुश की बेइज्जती कर दी थी। इसी बेइज्जती का बदला लेने के लिए अंकुश ने 20 लाख की सुपारी जिले की टॉप-10 सूची में शामिल अपराधी प्रवीन बाजौता को दी थी। उसने अपने साथी जितेंद्र उर्फ कंजा व अपने तयेरे भाई प्रदीप संग मिलकर यह हत्या की। इस मामले में 1400 पन्नों की चार्जशीट दायर की गई। गैंगस्टर में प्रवीन बाजौता की संपत्ति कुर्क की गई है। एडीजे-3 के एडीजीसी केएम जौहरी बताते हैं कि मुकदमे में अदालत में आरोप तय होने की प्रक्रिया होनी है। इसके बाद गवाही शुरू हो जाएगी। इसके लिए 20 जुलाई तारीख नियत है।
- इस मुकदमे में मेरे स्तर से राजीव अग्रवाल की वकालत की जा रही है। चार्जशीट के अध्ययन से अब तक करीब 14 गवाह जरूरी समझे जा रहे हैं। बाकी अभियोजन तय करेगा। पिछली दो तारीखों पर राजीव के बीमार होने व बंदियों की हड़ताल के कारण आरोप तय नहीं हो पाए थे। इस बार आरोप तय कराने की प्रक्रिया कराने का प्रयास होगा। फिर ट्रायल पूरा कराएंगे।
- नीरज चौहान, अधिवक्ता बचाव पक्ष।
ये हैं मुकदमे में आरोपी
- मुख्य शूटर - कुख्यात अपराधी प्रवीन बाजौता, जितेंद्र उर्फ कंजा, प्रवीन का भाई प्रदीप।
- साजिश व सहयोग के आरोपी - ट्रांसपोर्टर राजीव अग्रवाल, बेटा अंकुश अग्रवाल, उसके दोस्त साहिल यादव, अनुराग यादव, मनीष, उत्कर्ष चौधरी, दुष्यंत चौधरी व तीन नाबालिग।
- ये घटनाक्रम --
- 27 दिसंबर 2021 की शाम संदीप गुप्ता की हत्या
- 29 दिसंबर की शाम राजीव अग्रवाल गिरफ्तार
- 03 जनवरी 2022 को रेकी वाले तीन गिरफ्तार
- 05 जनवरी को रैकी में शामिल मनीष भी दबोचा
- 06 जनवरी को अनुराग उर्फ पार्थ को दबोचा
- 11 जनवरी को गैराज संचालक दुष्यंत चौधरी दबोचा
-17 जनवरी को साजिश में शामिल उत्कर्ष गिरफ्तार
- 26 जनवरी को मुख्य साजिशकर्ता अंकुश-साहित दबोचे
- 10 मार्च को मुख्य शूटर प्रवीन-जितेंद्र जयपुर में दबोचे
-मार्च माह में ही प्रवीन का भाई प्रदीप भी गिरफ्तार
-29 मार्च को न्यायालय में सभी पर चार्जशीट दायर