उत्तर प्रदेश सरकार के वृहद वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के तहत अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने 12 जुलाई को 'आज का हमारा मिशन: छाया' अभियान शुरू किया। कला संकाय परिसर में बरगद और नीम के पौधे रोपे गए। यह अभियान प्रदेश सरकार की 'एक पेड़ मां के नाम' थीम पर आधारित है। इसका उद्देश्य हरित क्षेत्र का विस्तार, जलवायु संतुलन और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है।
प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। 'मिशन छाया' के तहत सड़कों के किनारे दो करोड़ से अधिक छायादार पौधे लगाए जाएंगे। इससे हरित पट्टी विकसित होगी और वायु गुणवत्ता में सुधार आएगा। एएमयू ने भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की।
कुलपति का संदेश
कुलपति प्रो. नईमा खातून ने कहा कि एक पेड़ लगाना भविष्य के लिए आशा का बीज बोने जैसा है। उन्होंने बताया कि एएमयू 'मिशन छाया' के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता मजबूत कर रहा है। आज लगाए गए पौधे आने वाली पीढ़ियों को छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करेंगे।
सहकुलपति का आह्वान
सहकुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान ने कहा कि यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है। यह पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास है। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से पौधों की नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। इससे एएमयू हरित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना के अनुरूप आदर्श हरित परिसर बनेगा।
मुख्य वन संरक्षक यह बोलीं
मुख्य वन संरक्षक श्रद्धा यादव ने कहा कि यूनिवर्सिटी जैसे शैक्षणिक संस्थान ऐसे अभियानों को जन आंदोलन बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि नीम और बरगद जैसे वृक्ष छाया देने के साथ जैव विविधता बढ़ाते हैं। ये वायु गुणवत्ता सुधारने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। इस दौरान कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. मोहम्मद रिजवान खान, भूमि एवं उद्यान विभाग के सदस्य प्रभारी प्रो. अनवर शहजाद, जनसंपर्क कार्यालय की सदस्य प्रभारी प्रो. विभा शर्मा, यूनिवर्सिटी पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. निशात फातिमा, भाषा विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. एम.जे. वारसी और राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. मोहम्मद मोहसिन खान शामिल थे।