प्रो. निशात अफरोज ने बताया कि डिजिटल पैथोलॉजी, एआई आधारित निदान और जेनेटिक मैपिंग जैसी तकनीकों का आने वाले वर्षों में व्यापक उपयोग होने की संभावना है। ट्यूमर के सही निदान के लिए बहु-विषयक दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें पैथोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक सर्जन और ऑन्कोलॉजिस्ट का समन्वय अनिवार्य है।
क्या होता है कार्टिलेजिनस ट्यूमर
कार्टिलेजिनस ट्यूमर वह असामान्य वृद्धि होते हैं, जो हड्डी के भीतर या उसके आस-पास उत्पन्न होती हैं। बेनाइन (सौम्य), जैसे एन्होंड्रोमा या ऑस्टियोकोंड्रोमा, मेलिग्नेंट-जैसे कोंड्रोसारकोमा, ये काफी गंभीर और घातक हो सकते हैं।
हड्डियों का ट्यूमर होता है बेहद जटिल
ट्यूमर चिकित्सा जगत के लिए लंबे समय से एक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र रहे हैं। बच्चों और युवाओं में यह सामने आते हैं, तब इनका सही समय पर निदान करना और उपचार सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है।