फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परिवहन निगम का मैजिक पेन प्रकरण : गड़बड़झाला अलीगढ़ में, उजागर हो रहे एनसीआर में

विज्ञापन
विज्ञापन
राजा तिवारी
विज्ञापन

रोडवेज बसों में बिना टिकट यात्रा का मामला हो या फिर मैजिक पेन से परिवहन निगम को चूना लगाने का हो। ये सभी गड़बड़झाले अलीगढ़ के परिचालकों द्वारा किए जा रहे हैं लेकिन एनसीआर में जांच टीमों द्वारा उनकी करतूत उजागर की जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि स्थानीय अफसर आंखें मूंदे हुए हैं या फिर उनकी ही शह पर सारा खेल चल रहा है।
बता दें कि 29 अक्तूबर 2021 को बुद्ध विहार डिपो की रोडवेज बस में पलवल-बल्लभगढ़ रूट पर बिना टिकट 18 यात्रियों को पकड़ा गया था। गाजियाबाद यातायात निरीक्षक ने इसकी रिपोर्ट बनाकर क्षेत्रीय प्रबंधक को सौंपी थी। इस मामले में चालक मुनेंद्र कुमार व परिचालक लोकेश कुमार की सेवा समाप्त की गई थी, जबकि सहायक यातायात निरीक्षक वीरेंद्र कुमार व दिनेश कुमार शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले होली पर सहायक यातायात निरीक्षक की मिलीभगत पर एक बस बिना टिकट सवारियों को यात्रा कराते हुए इसी रूट पर मिली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस प्रकरण में दो टीआई को निलंबित किया गया था। 2018 में चर्चित रहा फर्जी टिकट मामला एटीएस ने पकड़ा था, जिसमें 65 अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिरी थी। इस मामले में अलीगढ़ के क्षेत्रीय प्रबंधक रहे अतुल त्रिपाठी व आगरा के क्षेत्रीय प्रबंधक पार्थ सारथी शर्मा समेत 14 अफसर निलंबित हुए थे। पिछले कई सालों में परिचालक परिवहन निगम को चूना लगाते रहे। लेकिन इनको स्थानीय अधिकारी और उनके खुफिया विभाग ने नहीं पकड़ा। अधिकांश कार्रवाई एनसीआर क्षेत्र में हुईं, जिनकी रिपोर्ट क्षेत्रीय प्रबंधक और मुख्यालय को प्रेषित की गईं। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना टिकट यात्रा कराने का प्रकरण हो या मैजिक पेन का प्रकरण। यह मामले एनसीआर क्षेत्र में ही क्यों पकड़ में आते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें