कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सत्र 2020-21 की परीक्षाओं को लेकर अंतिम फैसला विश्वविद्यालयों पर छोड़ दिया है। इसके बाद छात्र सोशल मीडिया पर प्रचारित कर रहे थे कि अब परीक्षाएं नहीं होंगी। उनको सीधे प्रमोट कर दिया जाएगा।
लेकिन डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमती है तो जून-जुलाई में परीक्षाएं कराई जाएंगी। हमने सारी तैयारी कर रखी है। निर्णय हालात को देखते हुए लिया जाएगा।
विगत दिनों यूजीसी ने सत्र 2020-21 की परीक्षाओं से जुड़ा फैसला सभी विश्वविद्यालयों पर छोड़ दिया है। यूजीसी का कहना है कि कोरोना संक्रमण का प्रभाव देश के अलग-अलग हिस्सों में कम अथवा ज्यादा है। ऐसे में परीक्षाओं को लेकर कोई मानक वाले निर्देश नहीं बनाए गए हैं। लिहाजा, सभी विश्वविद्यालयों को पिछले साल की परीक्षाओं और नए शैक्षणिक सत्र की गाइडलाइन के आधार पर तैयारी करने के लिए कहा है।
इस पर युवाओं ने सोशल मीडिया पर यह प्रचारित और प्रसारित करना शुरू कर दिया कि अब परीक्षाएं नहीं होंगी। केवल अंतिम वर्ष वाले विद्यार्थियों को ही परीक्षा देनी होगी। बुधवार को आगरा विवि के कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने कहा कि छात्र-छात्राओं को बार-बार प्रमोट करने से शिक्षा के साथ खिलवाड़ करने जैसा निर्णय रहेगा।
अभी राज्य स्तर पर निर्णय होना है। यदि लहर थम जाती है तो जून-जुलाई में परीक्षा कराने के पक्ष में हूं। बशर्ते, स्थिति और न बदले। ईश्वर ने चाहा और कोरोना का प्रभाव कम हो गया तो परीक्षाएं जरूर कराएंगे। तैयारियां भी पूरी हैं। अगले कुछ दिनों में स्थितियों को देखते हुए निर्णय लेंगे।