अभी तक इस ट्रैक पर चलने वाली ट्रेनों की रफ्तार लगभग 70 से 80 किमी प्रति घंटे है। नई दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर दाऊद खां से अलीगढ़ के बीच अप ट्रैक व्यस्त रहने के कारण ट्रेनों को 10 से 45 मिनट तक मडराक और दाऊद खां स्टेशन के बीच खड़ा रहना पड़ता था, अब ऐसा नहीं होगा।
कानपुर, टूंडला और हाथरस से आने वाली ट्रेनें अब दाऊद खां से अलीगढ़ जंक्शन के बीच 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। इसके लिए अलीगढ़ से दाऊद खां के बीच बनाई गई साढ़े सात किमी लंबी थर्ड रेलवे लाइन को ऑटाेमैटिक सिग्नल प्रणाली से लैस कर दिया गया है। आगामी 25 दिसंबर से थर्ड रेलवे लाइन पर ट्रेनों को पूरी रफ्तार से दौड़ाया जा सकेगा। अभी तक इस ट्रैक पर चलने वाली ट्रेनों की रफ्तार लगभग 70 से 80 किमी प्रति घंटे है।
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अभी तक नई दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर दाऊद खां से अलीगढ़ के बीच अप ट्रैक व्यस्त रहने के कारण ट्रेनों को 10 से 45 मिनट तक मडराक और दाऊद खां स्टेशन के बीच खड़ा रहना पड़ता था, अब ऐसा नहीं होगा। ट्रेनों का संचालन सुगम हो जाएगा। अब दाऊद खां से ट्रेनें अलीगढ़ तक बिना बाधा पहुंचेंगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा। इस ट्रैक से मालगाड़ियों को भी चलाया जा सकेगा।
अलीगढ़ जंक्शन की रेलवे लाइन नंबर पांच को दाऊद खां स्टेशन तक जोड़ा गया है। नई बनी थर्ड रेलवे लाइन के माध्यम से यह काम किया गया है। नई बनी थर्ड रेलवे लाइन पर अप और डाउन दोनों ट्रैक की ट्रेनें आ-जा सकेंगी। इसमें ऑटामैटिक सिग्नल प्रणाली को लागू कर दिया गया है। 25 दिसंबर से ट्रेनें 110 किमी की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। इसको चालू करने की तैयारी है।-अमित कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर-मध्य रेलवे।
ऑटोमैटिक सिग्नल से लैस है थर्ड रेलवे लाइन
दाऊद खां स्टेशन से अलीगढ़ जंक्शन के बीच बनी नई थर्ड रेलवे लाइन के पूरे सेक्शन को ऑटोमैटिक सिग्नल प्रणाली से लैस किया गया है। अभी तक यहां के सिग्नल को लीवर प्रणाली से संचालित किया जा रहा था। इस पुरानी प्रणाली में एक ट्रेन जब तक आगे के स्टेशन तक नहीं पहुंच जाती है, तब तक उस ट्रैक पर दूसरी ट्रेन नहीं चलाई जाती है। कानपुर से अलीगढ़ आने वाली ट्रेनों को इसी वजह से ग्रीन सिग्नल मिलने में देरी होती थी। जिसके कारण ट्रेनों को मडराक, दाऊद खां, छर्रा अड्डा आउटर पर रोकना पड़ता था। नई सिग्नल प्रणाली में ट्रेनें बीच रास्ते में नहीं रोकनी पड़ेंगी।