रेलवे स्टेशन पर ठंड में ट्रेन का इंतजार करतीं महिलाएं, साथ में छोटी बच्ची
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कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी अस्त व्यस्त कर दिया है। सबसे बुरा असर परिवहन पर पड़ा है। 29 दिसंबर को सबसे ज्यादा प्रभावित बलिया से आनंद विहार टर्मिनल जाने वाली भृगु एक्सप्रेस रही, जो अपने निर्धारित समय से 33 घंटे विलंब से अलीगढ़ स्टेशन पर आई। महानंदा एक्सप्रेस को निरस्त करना पड़ा।
29 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 9.4 और अधिकतम 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर कोहरा छाया रहा। लोग ठंड से कांपते रहे। बाजारों में लोगों की आवाजाही कम रही। जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकले। पिछले 15 दिनों में दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर 10 से ज्यादा ट्रेनें निरस्त रहीं। 140 से अधिक ट्रेनें देरी से चलीं। इस कारण 750 यात्रियों ने टिकट रद्द कराए, जिससे रेलवे को 3,05,641 रुपये लौटाने पड़े। वहीं, यात्रियों की कमी से रोडवेज को भी 15 लाख रुपये का घाटा हुआ है।
ट्रेन शुरुआत से ही लेट थी और रास्ते भर जगह-जगह रोकी गई। सर्द हवाओं के बीच सबसे बुरा हाल बच्चों का रहा, जो भूख और प्यास से बिलखते नजर आए। - राजीव कुशवाह, यात्री
ठंड को देखते हुए सरकारी अस्पतालों के वार्डों में हीटर लगाए गए हैं। तीमारदारों के लिए रैन बसेरों में व्यवस्था की गई है। मरीजों को सब्जी मिक्स दलिया और चाय भी दी जा रही है।- डॉ. एमके माथुर, सीएमएस, डीडी अस्पताल
अत्यधिक कोहरे के कारण दृश्यता कम हो गई है, जिससे सुरक्षा कारणों से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। ट्रेनों को नियंत्रित गति से चलाया जा रहा है, जिस कारण अपने गंतव्य पर देरी से पहुंच रही हैं।- अमित कुमार सिंह, पीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे