शहर के रामघाट रोड पर क्वार्सी चौराहे से लेकर किशनपुर तिराहे तक सोमवार को साढ़े तीन घंटे तक जाम लगा रहा। भीषण गर्मी में लोग जाम से परेशान दिखे। वहीं, स्कूली छात्र रिक्शा, टैंपो में बैठे लोग गर्मी से व्याकुल दिखे। कोई बच्चा कॉपी से हवा करता नजर आया, तो कोई पसीने से तरबतर नजर आया।
शहर की लाइफलाइन कहे जाने वाले रामघाट रोड पर सोमवार को 11 बजे से लेकर 2.30 बजे तक जाम लगा रहा। शहर की ट्रैफिक लाइट भी इस जाम की समस्या का निस्तारण करने में फेल नजर आईं। पीएसी की ओर से रामघाट आने वाले लोग क्वार्सी चौराहे पर आते ही रुक गए। क्वार्सी चौराहे की ट्रैफिक लाइट पार करने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। क्वार्सी चौराहे से किशनपुर तिराहे तक जाने के लिए करीब एक से डेढ़ किलोमीटर वाहनों की लंबी कतार थी। चार पहिया वाहनों से निकल रही गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। इस दौरान कई दोपहिया व चार पहिया वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते ही नजर आए। लोग संकरी गलियों में से रास्ता खोज रहे थे। लेकिन जाम के झाम से गलियां भी वाहनों की कतार से भरी हुईं थीं।
छुट्टी के बाद बच्चे घर जाने को तरसे
जाम की समस्या के कारण छुट्टी होने के बाद भी नन्हें मुन्ने बच्चे घर जाने के तरस गए। वह किसी तरह स्कूल से बाहर निकल कर स्कूली वाहन या प्राइवेट वाहनों में तो सवार हो गए। लेकिन, जाम के कारण वहीं फंस गए। इस दौरान कई वाहनों में स्कूली छात्र अपनी कॉपी से हवा करते नजर आए। वहीं कुछ छात्रों ने प्रदूषण के चलते मुंह पर मास्क लगा रखा था। भीषण गर्मी में बच्चे पसीने में तर नजर आए। हालात ये हो गए कि बच्चे पानी पीने के लिए भी तरस गए। घंटों जाम में फंसने के बाद जब बच्चे घर पहुंचे तब उन्होंने राहत की सांस ली।
मोबाइल के भरोसे है ट्रैफिक व्यवस्था
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था कायम रखने के लिए प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाई गई हैं। इसी व्यवस्था को और दुरुस्त करने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मी व होमगार्ड भी ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में इनका योगदान न के बराबर है। ट्रैफिक पुलिस कर्मी मोबाइल से चालान काटने में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था मोबाइल के भरोसे चल रही है।
जाम की समस्या से निजात पाने के लिए काम किया जा रहा है। स्कूल की छुट्टी के समय यह समस्या अधिक आती है। अभिभावकों से अपील है कि सड़क पर बेतरतीब वाहन न खड़े करेें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
मुकेश कुमार उत्तम, एसपी ट्रैफिक