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अलीगढ़ : टीपी नगर को हरी झंडी, पहले फेज में 55 करोड़ मिलेंगे

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बैठक करते कमिश्नर गौरव दयाल साथ में इंजी मनोज कुमार सिंह, उपाध्यक्ष गौरांग राठी, एडीएम सिटी राकेश - फोटो : CITY OFFICE
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अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) की बोर्ड बैठक में ट्रांसपोर्ट नगर को हरी झंडी दे दी गई है। इसके लिए पहले फेज में 55 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। निर्माण में तेजी लाने के बारे में भी अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इस दौरान 110 करोड़ के शहर में कराए जाने वाले निर्माण और विकास कार्यों को भी हरी झंडी दी गई ।
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बुधवार को एडीए बोर्ड की बैठक मंडलायुक्त गौरव दयाल की अध्यक्षता में हुई। जिसमें वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 141 करोड़ 22 लाख 50 हजार रुपये की आय प्रस्तावित की गई है। बैठक के दौरान उपाध्यक्ष गौरांग राठी ने कहा कि शहर को जाम से निजात दिलाने के उद्देश्य से अलीगढ़ - पलवल रोड स्थित लोधा के ग्राम ल्हौसरा विसावन में 85.416 हेक्टेयर जमीन पर तीन चरणों में टीपी नगर विकसित किया जाएगा। इसके लिए 10 दिन में शेष जमीन किसानों से खरीद ली जाएगी। 15 दिन में बैठक कर वहां के विकास के लिए ट्रांसपोर्टरों से सुझाव मांगे जाएंगे। अब तक 49.614 हेक्टेयर भूमि को प्राधिकरण ने आपसी - समझौते के आधार पर खरीद लिया है। बैठक में एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल, ओएसडी अंजुम बी, एक्सईएन मनोज कुमार सिंह, एओ शिवकांत सिंह, उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान आदि आदि मौजूद रहे।
लखनऊ की फर्म को काली सूची में डाला
एडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि टीपी नगर की डीपीआर (ड्राइंग ) बनाने में देरी करने वाली लखनऊ की फर्म को काली सूची में डाल दिया गया है। ट्रांसपोर्ट नगर की डीपीआर, क्रियान्वयन के लिए 14 जनवरी 2020 में मैसर्स स्काईलाइन आर्किटेक्चरल कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ से अनुबंध किया था। फर्म ने प्रस्तावित टीपी नगर का कॉंसेप्ट प्लान व ले-आउट प्लान तो प्रस्तुत किया, लेकिन इसमें भूखंडों में सुविधाओं के बारे में विस्तार से जिक्र नहीं किया है । इस बारे में फर्म को अंतिम नोटिस दिया लेकिन कोई जबाव नहीं मिलने पर अनुबंध को निरस्त कर दिया गया है । साथ ही उसे काली सूची में डाल दिया गया है।
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नक्शा पास कराना हुआ महंगा
एडीए से अब व्यवसायिक एवं घरेलू भवन निर्माण का नक्शा पास कराना और भी महंगा हो गया है। बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2022 - 23 में नक्शा पास कराने के लिए फीस में इजाफा करनेे के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। पहले जहां एक वर्ग में 866 रुपये खर्च होते थे, अब इसके बदले 933 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से चुकाने होंगे। नगरीय विकास प्रभार में प्रति वर्ग मीटर पर 175 रुपये खर्च होते थे अब 184.50 रुपये खर्च होंगे। मलवा शुल्क, निरीक्षण शुल्क में भी बढ़ोत्तरी की गई है।
एक ही रंग में होगा स्टेट बैंक से सेंटर प्वाइंट क्षेत्र
प्रदेश सरकार की फसाड़ योजना के तहत स्टेट बैंक तिराहे से लेकर सेंटर प्वाइंट चौराहे तकप्रथम चरण में सड़क किनारे की दुकानों एवं आवासों को सुनियोजित तरीके से विकसित किया जाएगा। यह सब एक ही रंग और एक ही रूप में नजर आएंगे।
अवैध निर्माण के खिलाफ चलेगा अभियान
मंडलायुक्त गौरव दयाल ने आवासीय योजना में भवनों को तोड़कर बनाई गईं दुकानों के खिलाफ एक माह का अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा क्वार्सी चौराहे से महेशपुर फाटक तक नाले को कब्जा मुक्त कराने के आदेश भी दिए हैं।
अवैध निर्माण हुआ तो इलाके का जेई निलंबित होगा
मंडलायुक्त गौरव दयाल ने कहा कि अवैध निर्माण पर अब संबंधित क्षेत्र के अवर अभियंता पर कार्रवाई होगी। उन्होंने बिना लेआउट, मानचित्र स्वीकृत कराए ही अवैध कॉलोनियों एवं निर्माण के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण की शिकायतें नहीं मिलनी चाहिए। जहां से अवैध निर्माण की शिकायत मिलेगी, वहां के अवर अभियंता का निलंबन होगा।
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