केंद्र सरकार ने आलू, टमाटर और प्याज पर लागू ग्रीन स्कीम को अब सभी सब्जियों और फलों पर लागू कर दिया गया है। आलू, प्याज और टमाटर के लिए लागू इस ग्रीन स्कीम को विभागीय भाषा में टॉप कहते हैं, यानी टैमेटो, ओनियन और पैटेटो। अब ये सभी सब्जियों और फलों के लिए लागू कर दी गई है, जिसे टोटल नाम दिया गया है। बीती 11 जून को लागू हुई टोटल योजना के तहत अलीगढ़ में एक यूनिट का प्रस्ताव आया है। जिसमें टमाटर से टोमैटो केचप बनाने की यूनिट लगाई जानी है।
इससे पहले टॉप योजना में आलू के फ्लैप्स बनाने की यूनिट प्रशांत ग्रुप ने लगाई थी। सरकार की मंशा है कि जिस जिले में जो फल या सब्जी ज्यादा मात्रा में पैदा होती है, उसको वहीं पर प्रसंस्करित किया जाए। जिससे उसकी बर्बादी रुक सके। दूसरा उसको उन जगहों पर भेजा जाए, जहां उसकी बहुत मांग है। इसके लिए वेयर हाउस में भंडारण और परिवहन करने में भी सब्सिडी दी जा रही है। सरकार इसके जरिए लोकल से वोकल के अपने नारे को भी सार्थक करना चाहती है। यानी टॉप से टोटल, लोकल से वोकल..।
एक यूनिट लगी, दूसरी विचाराधीन
अलीगढ़ में रमेश प्रशांत सिंघल ग्रुप ने टॉप स्कीम में आलू के फ्लैप्स बनाने की यूनिट लगाई थी। जिसमें आलू को प्रसंस्करित कर उसको पोहा की शक्ल दे दी जाती है। इसे कई महीनों तक संरक्षित रखा जा सकता है। ये आलू वर्तमान में हल्दीराम ग्रुप को भेजा जाता है। केंद्र सरकार की ओर से ग्रुप को 25 फीसदी लगभग पांच करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। ये प्रोजेक्ट लगभग 20 करोड़ रुपये का था। ये स्कीम प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के तहत मिली थी। साईं विहार के प्रकाशवीर ने टोटल स्कीम के तहत टमाटर से केचप बनाने की यूनिट लगाने का प्रस्ताव दिया है, प्रस्ताव अभी विचाराधीन है।
इनके लिए है योजना
किसान उत्पादक संघ, कोऑपरेटिव सोसायटी, किसान या कोई भी व्यापारी और लाइसेंसधारक ट्रांसपोर्टर ही इस योजना से अपनी यूनिट लगाने, फलों व सब्जियों को स्टोर करने के लिए वेयर हाउस का किराया देने या फलों व सब्जियों को दूसरे शहरों तक पहुंचाने की योजना में शामिल होकर सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं।
आंकड़े
अलीगढ़ में आलू उत्पादक किसानों की संख्या लगभग 18000
जिले में वर्तमान में आलू का रकबा 27 हजार हेक्टेयर भूमि में
जिले में वर्तमान में 106 कोल्ड स्टोर, क्षमता 852.40 मीट्रिक टन
उक्त योजना मंडल के चारों जिलों में लागू है। किसान, किसान उत्पादक संघ, ट्रांसपोर्टर या व्यक्तिगत रूप से कोई भी इसका लाभ उठा कर एक बेहतर स्वरोजगार स्थापित कर सकता है। आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी है। इसमें यूनिट लगाने से लेकर फल सब्जी बाहर पहुंचाने तक हर काम में सब्सिडी देय है।
-जीएस प्रियदर्शी, मंडलायुक्त अलीगढ़।
जिले में आलू, टमाटर, हरी मिर्च, आम, अमरूद सहित कई सब्जियां और फल बड़ी मात्रा में होते हैं। इन सभी की प्रसंस्करण यूनिट लगाई जा सकती है। जिससे इनको कई महीनों तक बचाया जा सकता है। सही मुनाफा कमाया जा सकता है और रोजगार को बढ़ावा दिया जा सकता है। योजना तहत के सभी काम आनलाइन संपदा पोर्टल पर हो रहे हैं।
-नंद किशोर सहानिया, जिला उद्यान अधिकारी।