पुरानी पेंशन व्यवस्था फिर से लागू करने और सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों की विसंगतियां दूर करने सहित कई मांगों का निस्तारण नहीं होने से नाराज केन्द्र-राज्य के कर्मचारी शुक्रवार को एक दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे।
केन्द्रीय श्रम संगठनों, औद्योगिक फेडेरेशनों व कर्मचारी संगठनों के आह्वान को करीब 250 कर्मचारी संगठनों ने समर्थन देने की घोषणा की है। इस हड़ताल के तहत सभी राज्य कर्मचारी, बैंक, बीएसएनएल, रोडवेज आदि से जुड़े कई संगठन दिन भर कार्यबहिष्कार कर अपना विरोध जताएंगे।
अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ के मंडलीय सचिव और कोषाध्यक्ष नवीन चतुर्वेदी ने बताया कि सभी डाक कर्मचारी ट्रेड यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार को हड़ताल पर रहेंगे। बीएसएनएल एंपलाइज यूनियन के जिला सचिव नबी अहमद ने बताया कि शुक्रवार को बीएसएनएल एंपलाइज यूनियन और कैजुअल कांट्रक्टर वर्कर यूनियन के पदाधिकारी और सदस्य हड़ताल करेंगे।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री शुक्रवार को हड़ताल रख कलक्ट्रेट पर धरना देंगी। आंगनबाड़ी कार्यकत्री-सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष शोभा शर्मा व महामंत्री ममता वर्मा ने सूचना दी है। आशा एसोसिएशन भी हड़ताल में शामिल है। महामंत्री इन्द्रवती देवी व कोषाध्यक्ष सत्यवती देवी यह सूचना दी है। एमआर एसोसिएशन भी हड़ताल पर रहेगी और सुबह दस बजेबस स्टैंड पर एकत्रित होकर जुलूस निकाला जाएगा।
इंडियन बैंक के सामने बैंककर्मियों ने किया प्रदर्शन
राष्ट्रव्यापी हड़ताल की पूर्व संध्या पर बैंककर्मियों ने मैरिस रोड स्थित इंडियन बैंक की शाखा पर प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज किया। इसका आयोजन यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन द्वारा किया गया था।
भारतीय मजदूर संगठन से जुड़े संगठनों को छोड़कर अन्य तमाम संगठनों के अधिकारी एवं कर्मचारी इसमें शामिल हुए। जिला मंत्री वीके शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की नई आर्थिक नीति तथा मजदूरों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित किए जाने के विरोध में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।