इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के कार्यक्रम में मौजूद डॉक्टर।
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विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) अलीगढ़ ने एक वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन किया। इसका उद्देश्य युवाओं को तंबाकू के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना था।
मुख्य वक्ता राकेश भार्गव ने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष 13.5 लाख मौतें तंबाकू से होती हैं। दुनिया भर में यह आंकड़ा 70 लाख से अधिक है, जिसमें 16 लाख परोक्ष धूम्रपान के शिकार होते हैं। उन्होंने बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, खैनी और ई-सिगरेट को कैंसर व हार्ट अटैक का प्रमुख कारण बताया।
आईएमए अलीगढ़ के अध्यक्ष भरत कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि 2026 की थीम युवाओं को तंबाकू उद्योग के भ्रामक विज्ञापनों से बचाने पर केंद्रित है। विपिन गुप्ता और अभिषेक कुमार सिंह ने कहा कि नशे को रोकने के लिए कानून के साथ स्कूलों और परिवारों के संयुक्त प्रयास आवश्यक हैं।