पुलिस भले बिटिया के साथ हुई दरिंदगी का खुलासा करने का दावा कर रही है, पर ग्रामीणों का एक वर्ग इससे संतुष्ट नहीं। इसने पुलिस पर दरिंदगी के खुलासे के नाम पर निर्दोष युवकाें एवं नाबालिंगों को फंसाने का आरोप लगाया है।
चेतावनी दी है कि पुलिस अपनी इस कार्रवाई से बाज नहीं आई तो आंदोलन किया जाएगा और डीएम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
ऐसे लोगों का कहना है कि बिटिया को इंसाफ जरूर मिले, पर किसी निर्दोष को फंसाया न जाए। घटना के सही खुलासे की मांग को लेकर मंगलवार को भी गांव में अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा।
इस दौरान पुलिस पर निर्दोषों को फंसाने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस रोजाना गांव में दबिश देकर किसी न किसी युवक को पकड़कर टॉर्चर कर रही है। कई युवक पिछले पांच दिनाें से पुलिस हिरासत में हैं। ग्रामीणोें ने दोहराया कि जब तक पुलिस घटना के सही आरोपियों को बेनकाब नहीं करती, उनका धरना जारी रहेगा।
बता दें, बिटिया के साथ दरिंदगी और हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है, लेकिन ग्रामीण पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं। इसे लेकर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा।
उनका कहना है कि वे भी चाहते हैं, बिटिया को इंसाफ मिले, पर इस कांड में गांव के युवकों को निशाना न बनाया जाए। उनका कहना है कि गांव में दबिश देकर रोजाना पुलिस युवकोें व नाबालिगों को उठाकर ले जा रही है।
उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। एक युवक तो पिछले पांच दिनों से पुलिस हिरासत में है। उस पर थर्ड डिग्री इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणोें ने पुलिस से निर्दोष को न फंसाने की गुहार लगाई है।
कुछ ग्रामीणों ने पुलिस पर खुलासे के नाम पर बिटिया के घरवालों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया है। उन्हाेंने चतरा की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर उसे किस सबूत के आधार पर गिरफ्तार किया गया।
उन्हाेंने चेतावनी दी कि किसी निर्दोष को फंसाने का सिलसिला बंद नहीं किया गया तो डीएम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।