एनआईए अफसर तंजील अहमद हत्याकांड की जांच में जुटी एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक जिस सरकारी हथियार (9 एमएम पिस्टल) से तंजील की हत्या की गई है वह भी अलीगढ़ से ही पुलिस से लूटा गया है। हत्याकांड में आरोपी मुनीर ने जीआरपी के कांस्टेबल की हत्या करके पिस्टल ही लूटी थी। पुलिस जैसे जैसे जांच में आगे बढ़ रही है वैसे ही कुछ पुराने मामलों की कड़ियां भी जुड़ रही हैं।
पुलिस के मुताबिक हत्याकांड की जांच में जुटी जांच एजेंसियों को पता चला है कि तंजील अहमद की हत्या में जिस 9 एमएम कारतूसों और पिस्टल का प्रयोग किया गया है, यह उसी तरीके की पिस्टल है। जांच एजेंसियों ने पता लगाया है कि फरवरी 2015 में अलीगढ़ के रेलवे स्टेशन के बाहर एक जीआरपी सिपाही की हत्या कर दी गई थी।
हत्या के बाद हत्यारे उसकी पिस्टल लूट ले गए थे। इस वारदात में भी मुनीर का नाम आया था। लेकिन वह हाथ नहीं आ सका था। अब पुलिस लूटी गई पिस्टल और तंजीम की हत्या में प्रयुक्त 9 एमएम पिस्टल के साथ ही मौके पर मिले कारतूसों के बीच की कड़ियां जोड़ने में लगी है। बताया गया है कि बहुत संभव है कि जांच एजेंसियों की एक टीम जल्द ही अलीगढ़ आकर जीआरपी से मिलकर मामले की जानकारी ले सकती है। साथ ही वह रेलवे स्टेशन के बाहर घटना स्थल पर जाकर फिर से तहकीकात कर सकती है।