सच्चे देश भक्त थे टीपू सुल्तान : डॉ. इस्लाम
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कर्नाटक के पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. कमरुल इस्लाम ने कहा कि टीपू सुल्तान सच्चे देश भक्त थे और देश भक्ति इस्लाम का मूल सिद्धांत है। डॉ. इस्लाम बुधवार को एएमयू पालीटेक्निक सभागार में सर सैयद अवेयरनेस फोरम द्वारा आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन ‘टीपू सुल्तान : बाहुलवादी भारतीय राजनीति के आदर्श’ विषय पर किया गया था। उन्होंने कहा कि टीपू सुल्तान धर्म निरपेक्षता एवं हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक थे और वह इस देश के पहले स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि भारत के अंतिम रक्षक भी थे। उनके शासनकाल में इस देश में जहां उद्योगों को बढ़ावा मिला, वहीं आयात, निर्यात की प्रक्रिया भी आरंभ हुई। उन्होंने श्रंगेरी मठ की मराठों से रक्षा की और बड़ी संख्या में मंदिरों को भूमि व धन दान किया।
एएमयू कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने टीपू सुल्तान की देश भक्ति एवं धर्म निरपेक्षता की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि एएमयू से भी बड़ी तादाद में टीपू जैसे देश के सच्चे सपूत पैदा हों। उन्होंने कहा कि टीपू सुल्तान ने देश की सेवा का जो कारनामा अंजाम दिया, वह हमेशा इतिहास में याद रखा जाएगा।
सह कुलपति एस अहमद अली ने कहा कि दो मुस्लिम शासक बाबर व टीपू सुलतान ऐसे शासक हैं जिनको भारतीय सेना अकादमी में पढ़ाया जाता है। टीपू सुल्तान ने एक बादशाह का कम बल्कि एक सैनिक के जीवन को ज्यादा जिया। उन्होंने कहा कि टीपू के बारे में जो इतिहास लिखा गया है वह अधिकतर अंग्रेज इतिहासकारों द्वारा लिखा गया है और टीपू सुल्तान का आजीवन अंग्रेजों से ही संघर्ष में गुजरा। उन्होंने कहा कि टीपू के ऊपर धर्मांतरण व सांप्रदायिकता के जो आरोप लगाये हैं वह भी निराधार हैं, क्योंकि टीपू सुल्तान एक उदार व्यक्ति थे और उन्हाेंने सभी धर्मों के मानने वालों के साथ समान व्यवहार किया। उन्होंने राकेट टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दिया और अपनी सेना में नेवी कमांड की स्थापना की। उन्होंने कहा कि टीपू की सेना में बड़ी संख्या में शूद्र शामिल थे।
कार्यक्रम को सर सैयद अवेयरनेस फोरम के अध्यक्ष और सेमीनार के निदेशक प्रोफेसर शकील समदानी, आरएएफ के कमांडेंट हिलाल फिरोज, प्रोफेसर सऊद आलम कासमी, डॉ. मोहिबुल हक, पूर्व एमएलसी विवेक बंसल, आयशा समदानी व साराह समदानी ने भी संबोधित किया। फोरम की रिपोर्ट फरहान शम्सी ने पेश की।
टीपू के नाम पर एएमयू में ब्लाक
अलीगढ़। एएमयू प्रशासन द्वारा एक ब्लाक का नाम टीपू सुल्तान ब्लाक रखा गया है। इसकी प्रशंसा मुख्य अतिथि डॉ. कमरुल इस्लाम ने की। कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने कहा कि ब्लाक का नाम टीपू सुल्तान के नाम पर रखकर उन्हें श्रद्धांजलि देने का प्रयास किया है। उल्लेखनीय है कि सर सैयद अवेयरनेस फोरम द्वारा कुछ वर्ष पूर्व टीपू सुल्तान पर आयोजित सेमिनार में कुलपति ने एक ब्लाक का नाम टीपू सुल्तान के नाम पर रखने की घोषणा की थी।