राहुल संदेश यात्रा पर निकल रहे कांग्रेसी नेताओं ने मुसलमानों और दलितों की बस्तियों में अपना ‘पंजा’ मजबूती के साथ दूसरे दलों से लड़ा दिया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन प्रभारी और पूर्व विधायक फजले मसूद ने कहा है कि राहुल संदेश यात्रा के दौरान इस बात का खासा ध्यान रखा जा रहा है कि मुसलमान और दलित बाहुल्य बड़े गांवों में इस यात्रा को जरूर ले जाएं। जिले और महानगर की टीम इसी लाइन पर काम कर रही है। अधिकांश दलित और मुस्लिम बाहुल्य गांव तक यात्रा पहुंची है।
राहुल गांधी रथ यात्रा के शुरू होने से पहले निर्देश जारी हुए हैं कि राहुल संदेश यात्रा को ब्लॉक के हर न्याय पंचायत तक जरूर ले जाएं। बसपा से दूर हो रहे दलित और सपा में टूटफूट के कारण वहां से अलग हो रहे मुसलमानों के लिए इस वक्त कांग्रेस एक बड़ा विकल्प है। इसी तरह से भाजपा में सीएम पद का दावेदार सामने नहीं आने को लेकर भी कांग्रेस सधी हुई रणनीति के तहत काम कर रही है, कांग्रेस शीला दीक्षित को सीएम बनाने की अपील को लेकर सवर्णों तक पहुंच रही है।
सपा और बसपा की हकीक त सब जान चुके हैं, अब दलितों, मुसलमानों के लिए कांग्रेस एक बड़ा और सुरक्षित विकल्प है। इस चुनाव में कांग्रेस का जनाधार बढ़ेगा। राहुल संदेश यात्रा, राहुल रथ यात्रा का असर दिखने लगा है। प्रदेश की जनता इस वक्त कांग्रेस की ओर आशान्वित है।
राजेंद्र मेहरा, वरिष्ठ कांग्रेसी।
इस वक्त बसपा, सपा और भाजपा के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचा है। सपा में घर की कलह लात जूतों तक पहुंच गई है, वहां चार पांच मुख्यमंत्री हैं। बसपा में टिकट बेचने और दलित नेताआें को बाहर निकालने के अलावा कोई काम नहीं है। भाजपा के पास सीएम का कोई चेहरा नहीं है। महंगाई से लोगों का खाना मुश्किल है।
-चौ. बिजेंद्र सिंह, कांग्रेस प्रचार समिति के सदस्य।