एएमयू के सौ वर्ष पूरे होने पर टाइम कैप्सूल में रखी जाने वाली जानकारी, कैप्सूल के मैटेरियल, उसमें भरी जाने वाली गैस आदि को लेकर सोमवार को कुलपति व रजिस्ट्रार सहित अन्य अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में विस्तृत चर्चा हुई, साथ ही तीन सदस्य कमेटी भी गठित की गई।
विश्वविद्यालय परिसर में टाइम कैप्सूल जमीन में दफनाने के लिए चार स्थान चिह्नित किए गए। साथ ही विचार किया गया कि टाइम कैप्सूल को इस प्रकार तैयार किया जाए, जिससे कि वह जमीन के अंदर अगले 500 वर्ष से भी अधिक समय तक विश्वविद्यालय से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रख सके। एएमयू की परंपरा और इतिहास की जानकारी रखने वाले उर्दू एकेडमी के निदेशक डॉ. राहत अबरार ने बताया कि बैठक में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के 100 साल का इतिहास समेटे हुए टाइम कैप्सूल को जमीन के अंदर रखने की योजना पर विचार किया गया। जो चार स्थान चिह्नित किए गए, उनमें ऐतिहासिक विक्टोरिया गेट, सर सैयद हाउस, मौलाना आजाद लाइब्रेरी और केनेडी हॉल परिसर शामिल हैं।
कुलपति चाहें तो किसी अन्य स्थान पर भी टाइम कैप्सूल लगाने का विचार कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में कैप्सूल के अंदर रखी जाने वाली जानकारी, कैप्सूल का मेटल, उसके अंदर संरक्षित किए जाने वाले केमिकल, गैस आदि पर विचार किया गया।