मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हुई मारपीट के बाद जमा भीड़ को हटाते पुलिसकर्मी।
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
मलखान सिंह जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाए गए मरीज के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए तीमारदार और उनके समर्थकों ने गुरुवार की शाम वहां जमकर हंगामा किया। तीमारदारों ने इमरजेंसी में डॉक्टर, स्टाफ और सफाईकर्मियों के साथ जमकर मारपीट की। इसमें स्टाफ के कई लोग घायल हो गए हैं। तीमारदारों ने इमरजेंसी के शीशे तोड़ दिए। दवाएं फेंक दीं। हंगामा होते देख इमरजेंसी में मौजूद मरीज वहां से भाग गए। घटना के विरोध में स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने इमरजेंसी पर ताला लगा कर ठप कर दिया और अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी। मौके पर सीओ प्रथम, और कई थानों का फोर्स पहुंच गया है। पुलिस ने उपद्रव के आरोपी पक्ष से दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। अन्य की तलाश की जा रही है। घटना के संबंध में पुलिस को तहरीर दे दी गई है। रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। एडीएम सिटी ने घटना की जानकारी की है।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में गुरुवार को डॉ. अभिषेक गुप्ता की ड्यूटी थी। अन्य स्टाफ भी ड्यूटी पर था। इस दौरान उस्मानपाड़ा से कुछ लोग एक व्यक्ति को दिखाने लाए। तीमारदारों से कहा गया कि मरीज को स्ट्रेचर पर लिटा दो। अभी देखते हैं। तीमारदारों ने मरीज को तुरंत देखने के लिए दबाव बनाया। जबकि डॉक्टर और स्टाफ का कहना था कि अभी जिस मरीज को देख रहे हैं उसके बाद उनके ही मरीज को देखा जाएगा। इसी बात पर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। मामला तूल पकड़ने पर तीमारदार हमलावर हो गए और उन्होंने डाक्टर के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। डाक्टर को पिटता देख स्टाफ के अन्य लोग भी विरोध में आ गए। इस बीच अस्पताल के माल गोदाम की ओर गेट से भी तीमारदारों के समर्थन में कुछ लोग आ गए। भीड़ ने स्टाफ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और वहां मौजूद अस्पताल के लोगों के साथ मारपीट की गई। इस दौरान पुलिस को सूचना दी गई। इस बात को भांपकर हमलावर मौके से भागने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में लेने की बात कही जा रही है। उसे मेडिकल कॉलेज से हिरासत में लिया है। वह वहां पर मरहम पट्टी कराने पहुंचा था।
‘घटना की रिपोर्ट डॉ. अभिषेक गुप्ता की तहरीर पर दर्ज की जा रही है। इसकी मैंने संस्तुति कर दी है। घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। अस्पताल के पूरे 312 बेड फुल हैं। डॉक्टरों की भारी कमी है। स्टाफ भी शार्ट है। ऐसे में अगर स्टाफ के साथ ही मारपीट होती है तो भला इलाज कैसे हो पाएगा। हमने इमरजेंसी पर एक सुरक्षा गार्ड की मांग की है। इस संबंध में कर जिलाधिकारी और कमिश्नर को भी पत्र लिखा जाएगा। बिना सुरक्षा के हमारा स्टाफ काम नहीं कर पाएगा’
- डॉ. वाई के भारद्वाज, सीएमएस जिला अस्पताल