अलीगढ़। पाकिस्तानी टिड्डी दल का कहर शनिवार के बाद रविवार को भी सुबह से ही अलीगढ़ के विभिन्न गांवों में कहर बरपा रहा है। शनिवार रात को हरदुआगंज के कलाई, बरा नदीं, छिलावली, नगला बंजारा, भावीगढ़ में रुका दल रविवार सुबह ८:३० बजे उड़ान भरते हुए पहले दो और बाद में एक अन्य भाग में बंट गया। वहीं, सुबह ११ बजे करीब हरियाणा के होडल से टप्पल में घुस आया। दोपहर एक बजे तक यह दल खैर के गांव में घुस गया।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार के मुताबिक अभी हवाएं उत्तर से पूर्व दिशा की ओर २० किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रहीं है। अगर, यही स्थिति रही तो हरियाणा से आया दल शाम सात बजे तक मथुरा में प्रवेश कर जाएगा। वहीं, हवाएं पूर्व से उत्तर की ओर चल पड़ीं तो यह दल वापस हरियाणा लौट जाएगा। जिला प्रशासन, कृषि विभाग, अग्निशमन विभाग की टीम और ग्रामीणों की ओर से फसलों का बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। सुबह बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह ने कई गांवों का दौरा कर नुकसान का आंकलन करते हुए जिलाधिकारी से किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। इसके साथ ही कृषि विभाग की टीमें भी आंकलन में जुटीं हैं। किसी भी क्षेत्र में अगर, टिड्डी दल दिखाई दे तो तत्काल ९४११६१०००४ पर संपर्क कर जानकारी दें। जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार के मुताबिक शानिवार रात को टिड्डी दल हरदुआगंज के कलाई, बरा नदीं, छिलावली, नगला बंजारा, भावीगढ़ में रुका था। सुबह ८:३० बजे उड़ान उसने भरी और दो दलों में बंट गया। एक दल पाली मुकीमपुर और दूसरा जिरौली धूमसिंह की ओर बढ़ गया है। जिरौली धूमसिंह वाला दल बदायूं की ओर बढ़ा गया, जबकि पाली मुकीमपुर वाला दल फिर से दो भागों में बंटा और एक दल कासगंज और दूसरा सलालपुर से लौटते हुए वापस सांकरा आ गया है। इसके बाद सांकरा आया दल वापस कासंगज की ओर बढ़ गया है। वहीं, एक अन्य दल हरियाणा बार्डर के होडल से टप्पल में घुस गया है।
दोपहर एक बजे तक यह दल खैर के गांव में पहुंच गया। अभी हवाओं का रुक उत्तर से पूर्व की ओर है। २० किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से है। अगर, यही स्थिति रही तो मथुरा में शाम सात बजे तक यह दल पहुंच जाएगा। अगर, हवाएं विपरीत हुर्इं तो वापस हरियाणा की ओर चला जाएगा। फायर ब्रिगेड कर्मी टिड्डी० दल पर स्प्रे कर रहे हैं। कृषि विभाग के कर्मचारी किसानों के साथ मिलकर टिड्डी दल को भगाने में जुटे हैं। दोपहर १२ बजे तक हालात यह रहे कि खेतों में लाखों की तादात में टिड्डी बिछी हुईं पड़ीं थीं। इन दलों ने ढैंचा, मक्का, अरहर की फसलों को नुकसान पहुंचा दिया है। बरौली विधायक ठाकुर दलवीर सिंह ने खेतों में जाकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि फसल में हुए नुकसान को लेकर अलीगढ़ डीएम को अवगत करा दिया है। किसानों को हुए नुकसान की भरपाई जल्द से जल्द दिलाई जाएगी।
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किसान बचाव के लिए यह करें : जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि बलुई मिट्टी वाले क्षेत्रों में टिड्डी अंडे देती हैं, जिससे छोटे-छोटे कीट निकलते हैं और बड़े होने पर लाखों करोड़ों की संख्या में उड़ान भरते हैं। यह सभी प्रकार के हरे पत्तों पर आक्रमण करते हैं। किसान टिड्डी दल के आक्रमण के समय अपने खेतों में आग जलाकर, पटाखे फोड़ कर, थाली-चम्मच बजाकर, ढोल-नगाड़े बजाकर आवाज करें या फिर डीजे या उच्च ध्वनि वाले यंत्र बजाएं। कृषि विभाग के अधिकारियों से सलाह लेकर अपने खेतों में कीटनाशक छिड़काव करें। मगर, याद रखें कि छिड़काव के बाद कम से कम एक सप्ताह तक हरा चारा पशुओं को ना खिलाएं। यदि आपके क्षेत्र में टिड्डी दल दिखाई देता है तो तत्काल ९४११६१०००४ पर संपर्क कर जानकारी दें।
अतरौली में टिड्डी भगाते किसान।
- फोटो : AMAR UJALA
अतरौली में टिड्डी भगाते किसान।