मंगलवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे छर्रा-दादों मार्ग पर ताड़ वृक्ष के समीप दो बाइकें आपस में टकरा गईं। जबर्दस्त टक्कर से एक बाइक से चिंगारियां छूट पड़ीं। दोनों बाइक में सवार छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आननफानन सभी को छर्रा सीएचसी पहुंचाया गया जहां एक महिला समेत तीन की मौत हो गई। वहीं 3 साल के एक मासूम समेत तीन घायलों को गंभीर हालत में मलखान सिंह जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां तीनों का इलाज जारी है।
दादों थाना क्षेत्र के गांव कासिमपुर खुशीपुरा निवासी 34 वर्षीय चंद्रकेश पुत्र श्रीपाल अपनी बाइक पर पत्नी बबिता (30) पुत्र दीपांशु (3) और गांव अटा निवासी अपनी साल 50 वर्षीय साल मछला देवी पत्नी सत्यप्रकाश को बिठाकर छर्रा कस्बे में अपने बीमार बेटे को दवा दिलवाने आ रहे थे। उधर गांव सतरापुर निवासी 32 वर्षीय गुलजार पुत्र गुल मोहम्मद, अपने मित्र 28 वर्षीय बबलू पुत्र फकीर मोहम्मद के साथ बाइक से दादों थाना क्षेत्र के गांव हारूनपुर कलां में रुपये देने जा रहे थे। दादों-छर्रा मार्ग ताड़ वृक्ष के निकट दोनों की बाइकों में जबर्दस्त टक्कर हुई। इसमें सभी छह लोग बुरी तरह घायल हो गए।
हादसा होते ही राहगीर दौड़कर पास पहुंचे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को छर्रा सीएचसी भेजा जहां प्राथमिक उपचार के दौरान गुलजार के अलावा चंद्रकेश और उसकी सास मछला देवी की मौत हो गई। दीपांशु, बबिता और बबलू का मलखान सिंह जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
दो साल पहले हुई थी गुलजार की शादी
मंगलवार को छर्रा और दादों मार्ग पर ताड़ वृक्ष के समीप हुए हादसे में तीन परिवारों की खुशियां उजड़ गईं। तीनों ही परिवार अपनों के गम में न सिर्फ तड़प रहे हैं बल्कि जो घायल बचे हैं उनकी जिंदगी बचाने के लिए बदहवास होकर इधर से उधर दौड़ रहे हैं।
मृत गुलजार बेलदारी का काम करते थे। दो वर्ष पहले ही उनकी शादी बरेली जनपद के गांव दुआवत निवासी आशिया के साथ हुई थी। उनके 6 माह का बेटा जुबैर है। तीन भाइयों में गुलजार सबसे बड़े थे। उनसे छोटे दो भाई शहजाद व एहसान और बहन गुड़िया है। सभी पढ़ाई करते हैं। गुलजार की पत्नी समेत उसके परिवार वालों का रोकर बुरा हाल था।
वहीं मृत चंद्रकेश नोएडा में आटो चलाते थे। आठ साल पहले उनकी शादी दादों थाना क्षेत्र के गांव अटा निवासी बबिता के साथ हुई थी। एक बेटा दीपांशु और एक बेटी है। बबिता और दीपांशु घायल हैं। वहीं मछला देवी की मौत से उनके परिवार में भी कोहराम मचा हुआ है। छर्रा सीएचसी में तीनों के परिवार वाले पहुंच गए थे। वहीं पर तीनों की मौत से अस्पताल परिसर में मचे करुण क्रंदन से अन्य लोग भी द्रवित रहे। उनके गांवों में भी हादसे से गम का माहौल है।
ससुराल होकर निकल रहे थे तो सास को भी बिठा लिया
चंद्रकेश की ससुराल गांव अटा में है। अटा गांव छर्रा के रास्ते पर ही पड़ता है। वह अपने बेटे को दवा दिलवाने के लिए पत्नी समेत छर्रा सीएचसी के लिए निकले तो चलने से पहले ससुराल में फोन कर जानकारी दी। इस पर उनकी सास मछला देवी भी अपने नाती के मोह में अस्पताल तक जाने के लिए तैयार हो गईं। चंद्रकेश-बबिता के अटा पहुंचते ही सड़क पर ही मछला देवी उन्हें मिल गईं और साथ चल दीं। थोड़ी देर के लिए बेटी-दामाद और नाती के साथ रहने के मोह में उनकी भी जान चली गई।