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Aligarh: एडीए ने 20 करोड़ की सरकारी जमीन कराई कब्जा मुक्त, 800 परिवारों के सामने सिर छिपाने का संकट

Wed, 17 Jun 2026 02:47 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

इस कार्रवाई के बाद कई परिवारों के अस्थायी आशियाने मलबे में तब्दील हो गए। बिखरे सामान के बीच बच्चे अपनी किताबें और महिलाएं घर का बचा-खुचा सामान समेटती नजर आईं। कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में बांस, तिरपाल, कपड़े और घरेलू सामान बिखरा दिखाई दिया।
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बरौल रोड पर एडीए द्वारा हटाया गया अवैध कब्जा। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सुबह तक जहां चूल्हे जलते थे, बच्चों की आवाजें गूंजती थीं, मंगलवार दोपहर वहां सिर्फ मलबा बचा था। तीन बार नोटिस देने के बाद अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) ने 20 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन कब्जामुक्त करा ली, लेकिन इस कार्रवाई के बाद 800 परिवारों के सामने सिर छिपाने का संकट भी खड़ा हो गया।

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जानकारी के अनुसार, बरौला जाफराबाद स्थित गाटा संख्या 375 और 376 की 4.4187 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर लंबे समय से अतिक्रमण से घिरी है। इस जमीन पर कई विकास योजनाएं पूरी होनी हैं। इसलिए अक्तूबर 2025 में प्राधिकरण ने यहां से अतिक्रमण साफ कर दिया, लेकिन देखते ही देखते सात महीने में फिर से यहां बसावट हो गई। दोबारा हुए अवैध कब्जे के खिलाफ जिला प्रशासन, पुलिस और एडीए की संयुक्त टीम ने फिर इसे कब्जामुक्त कराया।

बहरहाल, मौके पर तस्वीर कुछ और भी बयां कर रही थी। इस कार्रवाई के बाद कई परिवारों के अस्थायी आशियाने मलबे में तब्दील हो गए। बिखरे सामान के बीच बच्चे अपनी किताबें और महिलाएं घर का बचा-खुचा सामान समेटती नजर आईं। कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में बांस, तिरपाल, कपड़े और घरेलू सामान बिखरा दिखाई दिया। कुछ लोग मलबे में उपयोगी सामान तलाशते रहे, जबकि कई परिवार यह सोचकर परेशान दिखे कि अब रात कहां गुजरेगी? जिन परिवारों की यहां झोपड़ी थीं, उनमें कुछ लोग दिहाड़ी मजदूरी करते हैं तो कुछ कबाड़ बीनकर या छोटे-मोटे काम करके परिवार चलाते हैं।
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खुद से कब्जा हटाने का दिया मौका
प्राधिकरण का कहना है कि यह भूमि सरकारी अभिलेखों में उनके नाम दर्ज है। शहर की सीमा के भीतर इस भूमि की अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है। पिछले वर्ष भी विशेष अभियान चलाकर इसे अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस कार्रवाई से पहले सार्वजनिक सूचना और तीन बार नोटिस जारी कर कब्जाधारकों को स्वयं अतिक्रमण हटाने का मौका दिया गया था। परिवारों को स्वयं कब्जा हटाने का अवसर भी दिया गया, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। इसलिए टीम ने अवैध कब्जों को हटाकर इसे साफ कराया।

भूमि की निगरानी बढ़ाएगा प्रशासन
एडीए अधिकारियों का कहना है कि सरकारी भूमि पर दोबारा कब्जा करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कब्जामुक्त कराई गई भूमि की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने। प्राधिकरण अब इस भूमि के जनहित में उपयोग की संभावनाओं पर भी विचार कर रहा है। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।

लोगों से अपील है कि यदि उनके संज्ञान में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का कोई मामला आए तो उसकी सूचना तत्काल अलीगढ़ विकास प्राधिकरण को दें। भू-माफियाओं और अवैध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।-कुलदीप मीणा, उपाध्यक्ष, अलीगढ़ विकास प्राधिकरण

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