एएमयू के अंदरूनी सूत्रों व छात्रों की ओर से मिली जानकारी के अनुसार पिछले कुछ समय में 10 शिकायतें राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग में की गई हैं। शिकायतकर्ता तीन छात्रों में से दो तो पढ़ाई छोड़कर चले गए, जबकि तीसरे को विभिन्न आरोपों में निकाल दिया गया है। इसी तरह के विवादों में दिसंबर माह में आरसीए के निदेशक भी बदले गए।
कहीं अनुसूचित सियासत का हिस्सा तो नहीं
एएमयू में आरक्षण का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। भाजपा व अन्य हिंदू संगठन की ओर से लगातार आरक्षण की मांग उठाई जाती रही है। पिछले दिनों नगीना सांसद आजाद समाज पार्टी अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद का एएमयू आना भी चर्चाओं में है। इसको देखते हुए एक चर्चा ये भी उठ रही है कि कहीं ये सब देश प्रदेश में चल रही अनुसूचित सियासत का हिस्सा तो नहीं।