पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में उजागर हुआ है कि हेमू के कहने पर हत्या की साजिश में शामिल रहने के साथ उन्होंने हथियार-कारतूस के इंतजाम कराए थे। साथ राया के संजू को ठहरवाने से लेकर भागते समय सीसीटीवी से बचने के उपाय भी बताए थे। उन्हें बताया गया था कि हत्या के बाद किन रास्तों से भागना है।
दिल्ली के एक अधिकारी-दरोगा की शह पर बचता रहा टाइगर ग्रुप सरगना हेमू
तालानगरी क्षेत्र में टाइगर ग्रुप सरगना हेमू के डेढ़ वर्ष में यूं ही हौसले बुलंद नहीं हुए। उसे दिल्ली के एक अधिकारी से लेकर चौकी के एक दरोगा तक की शह मिली। इसी का नतीजा रहा कि डेढ़ वर्ष में झगड़ा-फायरिंग की आठ घटनाओं में से तीन में मुकदमे लिखे। हरदुआगंज थाने के बगल में अलीगढ़ ग्रेटर के सामने हुई फायरिंग में दरोगा की मदद से एसपी देहात तक को गुमराह कर धारा तक हटवा ली गई।
पिछले दिनों जेल से रिहा होने के बाद जुलूस व स्वागत से हेमू का हौसला इतना बढ़ गया कि वह अवैध कारोबार में अपना वर्चस्व बनाने लगा था। उसे उस समय तालानगरी के दरोगा व दिल्ली के एक अधिकारी की ओर से मदद मिलती रही। अब सोनू की हत्या के पीछे एक वजह यह भी निकलकर आ रही है कि वह तालानगरी में ईंट-सरिया की चोरी के कारोबार पर भी अपना नियंत्रण चाहता था। सोनू के ट्रकों से माल पश्चिमी यूपी के अलग अलग जिलों से आता था। उसमें से यहां माल चोरी का गोरखधंधा चलता था। जिसके संबंध में 23 अप्रैल तालानगरी चौकी पर एक तहरीर भी दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शूटर शिवा को भेजा गया जेल
सोनू हत्याकांड में पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए शूटर शिवा को बृहस्पतिवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद हरदुआगंज पुलिस ने उसे कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया। बता दें कि शूटर को पुलिस ने मंगलवार तड़के पकड़ा था।