एएमयू के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में 65 वर्षीय रोगी के सीने से तीन किलो का ट्यूमर निकाला गया। ट्यूमर के हृदय तथा फेफड़े से चिपके होने के कारण यह आपरेशन काफी जटिल था। यह सफलता कार्डियोथोरासिक सर्जरी विभाग के चिकित्सकों को मिली है। करीब छह घंटे तक चले इस आपरेशन को अंजाम देने वाली टीम का नेतृत्व प्रो. एमएच बेग ने किया।
क्वार्सी क्षेत्र के निवासी हेमेंद्र गुप्ता आर्या ने सीने में पीड़ा होने पर अलीगढ़ और दिल्ली में कई चिकित्सकों को दिखाया था। जांच से पता चला कि उनके सीने में बड़ा ट्यूमर है। हेमेंद्र गुप्ता ने जेएन मेडिकल कॉलेज के पलमोनोलॉजी विभाग में इसे दिखाया, जहां से उन्हेें कार्डियोथोरासिक सर्जरी विभाग में रेफर किया गया।
विभागाध्यक्ष प्रो. एमएच बेग ने नेतृत्व में डॉ. मोहम्मद आजम हसीन, डॉ. एहतशाम हुसैन नकवी तथा डॉ. शुमाइल रब्बानी की टीम ने करीब छह घंटे शल्य चिकित्सा कर ट्यूमर निकाला। डॉ. नदीम रजा तथा उनके दल ने एनेस्थीसिया दिया। चिकित्सकों का कहना है यह कठिन शल्य चिकित्सा थी, क्योंकि ट्यूमर हृदय तथा फेफड़े से चिपका हुआ था।
प्रो. एमएच बेग ने बताया कि यह एक असामान्य आकार का ट्यूमर था, जो मरीज को जन्म से ही था। डॉ. एहतेशाम हुसैन नकवी ने बताया कि उनके कार्डियोथोरासिक सर्जरी विभाग में प्रतिवर्ष थोरासिक सर्जरी के लगभग 150 रोगियों तथा कार्डिक एंड वेस्कुलर सर्जरी के 250 रोगियों की शल्य चिकित्सा की जाती है।