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खैर की कान्हा गोशाला में भूख से तीन गायों की मौत

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ईओ खैर व पशुचिकित्सा विभाग के अधिकारी कर्मचारी व गोशाला कर्मियों को लताड़ लगातीं एसडीएम खैर अंज? - फोटो : KHAR
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नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित कान्हा गोशाला में पालिका प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। चारे के अभाव में भूख से तड़प रहीं तीन गायों ने बुधवार को दम तोड़ दिया। आठ और गायें भूख से बेदम हैं। सूचना पर गोशाला पहुंचे चेयरमैन संजीव अग्रवाल ने तत्काल मामले की सूचना एसडीएम और डीएम को दी तो प्रशासनिक मशीनरी में हड़कंप मच गया। एसडीएम के साथ ही ईओ और पशु चिकित्साधिकारी भी गोशाला पहुंच गए। यहां चेयरमैन व एसडीएम अंजुम बी ने ईओ और पशु चिकित्साधिकारी के साथ गोशाला के नोडल अधिकारी को जमकर लताड़ लगाई। मामले में ईओ को लापरवाह मानते हुए वेतन रोकने व उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए। साथ ही लिपिक से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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नगर पालिका द्वारा गांव उदयगढ़ी में कान्हा गोशाला संचालित है। यहां करीब 100 गोवंश हैं। बुधवार सुबह गोशाला के खेतों में काम कर रहे किसानों ने दो गायों के मरने की सूचना नगर पालिकाध्यक्ष संजीव अग्रवाल को दी तो वह वहां पहुंच गए। उन्हें दो गाय मृत, जबकि एक मरणासन्न हालत में मिली। चेयरमैन के पूछने पर गोशाला के कर्मचारी विनोद ने बताया कि 7 दिन से गायों के खाने के लिए भूसा आदि गोशाला में नहीं है। 8 दिन पहले नगर पालिका के बाबू को जानकारी दे दी गई थी। चार दिन से गायों ने कुछ भी नहीं खाया है। सोमवार व मंगलवार को कुछ मात्रा में गन्ने का हरा चारा मंगाकर खिलाया गया था, लेकिन वह पर्याप्त नहीं था। भूख से गायों की मौत की बात सुनकर चेयरमैन भड़क उठे।
उन्होंने ईओ संदीप सक्सेना को फोन करके गोशाला आने को कहा तो वह खुद को काम से जट्टारी होना बताकर आने से टालने लगे। इस पर उन्होंने डीएम और एसडीएम को सूचना दी। खबर पर एसडीएम अंजुम बी कुछ मिनट में गोशाला पहुंच गईं। उन्होंने ईओ और पशु चिकित्साधिकारी को बुलाकर चारा न होने का कारण पूछा तो ईओ व नोडल अधिकारी लिपिक बगलें झांकने लगे। एसडीएम के निर्देश पर कुछ देर में 9 क्विंटल भूसा और 10 क्विंटल हरे चारे की व्यवस्था कर दी गई। चेयरमैन ने ईओ का वेतन रोकने का आदेश दिया, वहीं लिपिक भारत भूषण से स्पष्टीकरण मांगा है।
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ठेकेदार को नहीं किया गया था पिछला भुगतान
गोशाला में भूसा व चारा न होने की सूचना गोशाला के चौकीदार प्रमोद ने एक सप्ताह पूर्व गोशाला प्रभारी लिपिक भारत भूषण को दी थी। इसके बाद भी भूसे का इंतजाम नहीं किया। गोशाला में दिन के समय नीरज व प्रमोद और रात में रिंकू व विक्रम सिंह की ड्यूटी रहती है। पालिका की ओर से ठेकेदार को 1.35 लाख रुपये भूसे और चारे का पिछला भुगतान न किये जाने के कारण समस्या पैदा हुई। वहीं, गोशाला में सबमर्सिबल होने के बावजूद टैंक में गंदा पानी भरा था, गोवंश उसी को पी रहे थे। इसी तरह गोशाला की टूटी जाली से घुस रहे कुत्ते भी गोवंश को परेशान करते हैं। खास बात यह है कि मंगलवार को पशु चिकित्साधिकारी डा. मनोज शर्मा टीम के साथ गोशाला पहुंचे थे। उन्होंने भी वहां चारा खत्म होने की जानकारी पालिका अधिकारियों को नहीं दी।
वर्जन
- गोशाला में चारा की आपूर्ति करने वाले ठेकेदार पर पिछले माह के 70 क्विंटल चारे की आपूर्ति शेष है। यह जानकारी गोशाला प्रभारी लिपिक ने दी थी। इसी वजह से ठेकेदार का भुगतान रोका गया था। अब ठेकेेदार से बात हो गई है। बृहस्पतिवार से भरपूर चारे की व्यवस्था हो जायेगी। -संदीप सक्सेना ईओ
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