चारपाई के नीचे परात में रखा अलाव
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अलीगढ़ में देहली गेट थाना क्षेत्र के अशरफपुर जलाल में लोहे की परात में जलाए गए अलाव की चिंगारी से चारपाई में लगी आग से एक छह माह के बच्चे की जलकर मौत हो गई जबकि बगल में लेटीं दो बहनें, पांच साल की तन्नू और तीन वर्ष की मन्नू झुलस गईं। मन्नू को गंभीर हालत में दिल्ली रेफर कर दिया गया है। यह घटना सोमवार की शाम पांच बजे की है।
अशरफपुर जलाल निवासी प्रताप मजदूरी करके परिवार का पालन करता है। रोज की तरह प्रताप सोमवार की सुबह काम पर गया था। घर पर उसकी पत्नी और तीन बच्चे थे। सोमवार को ठंड ज्यादा थी लिहाजा प्रताप की पत्नी आरती ने लोहे की परात में कुछ लकड़ियां जला लीं। अपने तीनों बच्चों को लेकर पास में ही बैठ गई। शाम को करीब पांच बजे आरती ने तीनों बच्चों को एक चारपाई पर लिटा दिया और ऊपर से लिहाफ ओढ़ा दिया। बाद में लोहे की परात में जलीं लकड़ियां जब कोयला बन गईं तो परात को उस चारपाई के नीचे रख दिया जिस पर बच्चे लेटे हुए थे।
आरती घर के बाहर परिवार की महिलाओं के साथ बैठ गई। इसी दौरान अचानक कमरे में आग लग गई। हल्ला भी तब मचा जब पास में दुकान करने वाले शमशाद ने प्रताप के घर के कमरे से लपटें उठती देखीं। किसी तरह से कमरे को खोला गया तो वहां धुंआ ही धुंआ था। छह माह का देवांश तो चारपाई जलने से लोहे की परात में गिर गया था। तीनों मासूमों को बाहर निकाला और जेएन मेडिकल कालेज लेकर पहुंचे। जहां छह माह के देवांश को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि तीन साल की मन्नू की गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली रेफर कर दिया गया है। पांच साल की तन्नू को प्रारंभिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है।
घटना की जानकारी पार्षद के जरिए पुलिस को मिली थी। जिसके बाद जलालपुर चौकी की पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों ने घटना के संबंध में कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही छह महीने के बच्चे के अंतिम संस्कार कर दिया गया था। - मयंक पाठक, सीओ, प्रथम