महाराजा अग्रसेन के फोटो युक्त स्वागत द्वार को तोड़कर नाले में गिराए जाने के मुद्दे पर अग्र वंशजों के साथ अन्य समाज के लोग भी नगर निगम के विरोध में खड़े दिखाई दिए। साफ कहा कि इस तरह के स्वागत व तोरण द्वार हमारे शहर की परंपराओं में शामिल हैं। आज ये हरकत नगर निगम ने अग्रवाल समाज संग की है, कल को किसी के भी साथ हो सकती है। यही वजह रही कि सर्व समाज को देख एक बारगी हालात बेकाबू दिखे और पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूले दिखे।
दोपहर 12 बजे इस धरनास्थल पर अग्रवाल समाज के लोगों के अलावा अन्य वैश्य, क्षत्रिय, ब्राह्मण, माहेश्वरी आदि समाज के लोग भी खड़े दिखाई दिए। हर तरफ से एक ही बात कही जा रही थी कि ऐसा नगर निगम को बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के नहीं करना चाहिए था। अगर आयोजन की अनुमति ले रखी है तो इस तरह स्वागत द्वार की अनुमति लेने का नियम था तो बताना चाहिए था। जब एक माह से द्वार लगे हुए हैं तो आयोजन से चार दिन पहले ऐसी क्या जरूरत पड़ गई तो हटाने पड़ गए।
इस मौके पर दुर्गेश अग्रवाल, अंकित अग्रवाल, अभिनव अग्रवाल, आकाश अग्रवाल,ओपी अग्रवाल,श्याम नारायण अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, डॉप्त राजीव अग्रवाल, शरद बंसल, कामेश्वर प्रसाद गर्ग, संजीव रतन अग्रवाल, विजय सोनी, अम्बरीष गर्ग, राजीव रेमंड, मनीष अग्रवाल वूल, विक्त्रसंत गर्ग, प्रांजुल गर्ग, अनुल गर्ग, प्रशांत गर्ग, अजय अग्रवाल, संदीप गर्ग, विशाल गर्ग, सौरभ अग्रवाल सिक्ससंस, विशाल बीडीके, मनोज अग्रवाल भट्टा, अनिल सेंचुरी, हरी किशन अग्रवाल, तूलिका अग्रवाल, प्रशांत सिंघल, नवीन जलेसर, विमल अग्रवाल, गौरव मित्तल, भरत अग्रवाल, अतीत अग्रवाल, सौरभ बालजीवन, विनय अग्रवाल, मोनू अग्रवाल, दीपक गर्ग, नीरज अग्रवाल, संजय बालाजी, दीपक अग्रवाल, संजय अग्रवाल, पवन मोरनी, हीरालाल मित्तल, पंकज अग्रवाल, अमित अग्रवाल, संजय, मुकेश रामअचल, डॉ. अमित अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, अन्य समाज से शकुंतला भारती, संजीव राजा, वैभव गौतम, संजय शर्मा, संगीता वार्ष्णेय, प्रदीप गंगा, राहुल चेतन, घनेद्र वार्ष्णेय, कुलदीप पांडेय, अनिल सेंगर, दिनेश गुप्ता, सुरेंद्र पचौरी, अतुल सर्राफ, हिमांशु शर्मा, अजय सर्राफ, शालू वार्ष्णेय, आलोक बैंकर, कमल गुप्ता, देवराज सिंह, देवेंद्र सैनी, ठाकुर वीरेश सिंह प्रधान, मुकेश मदन ,सुभाष शुभानु, संजय शर्मा, संजू बजाज, राकेश सहाय, विशाल गुप्ता, गौरव वार्ष्णेय आदि तमाम लोग थे।
विधायकों के मनाने पर भी रही जिद
इस प्रकरण की खबर पर दोपहर में विधायक कोल अनिल पाराशर, पूर्व विधायक संजीव राजा भी मौके पर पहुुंच गए। उन्होंने भी समझाने का प्रयास किया। मगर समाज के लोग जिद पर अड़े रहे। इसके बाद विधायकों के स्तर से अधिकारियों पर दबाव बनाया गया। तब जाकर सहायक नगर आयुक्त आए और माफीनामे पर बात बनी। इसके अलावा सौरभ सिक्ससंस, पुष्पेंद्र पचौरी आदि तमाम नेताओं ने भी प्रकरण में बयान जारी कर विरोध दर्ज कराया है।
सपा नेता ने भी कहा अपमान गलत
सपा नेता सलमान शाहिद ने भी इस प्रकरण में नगर निगम की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि इस तरह से किसी समाज के सर्वमान्य महापुरुष का अपमान करना गलत है। उन्होंने इस मामले में नगर निगम अधिकारियों पर कार्रवाई की आवाज उठाई है और कहा है कि नगर निगम द्वारा जानबूझकर ऐसा किया गया है। इस पर नगर निगम स्वागत द्वार लगवाए और कार्रवाई करे।
डायवर्ट करने पड़े प्रमुख मार्ग
दोपहर में जीटी रोड पर जाम के कारण एक तरफ दिल्ली रोड और दूसरी ओर एटा रोड पर यातायात बंद हो गया। रोडवेज बसों व अन्य वाहनों में फंसे लोग परेशान होने लगे। स्कूलों की छुट्टी के चलते बच्चे भी परेशान हुए। इस पर यातायात पुलिस को एक तरफ कठपुला की ओर से और दूसरी ओर मसूदाबाद व तीसरी ओर मालगोदाम की ओर से रसलगंज की ओर जाने वाले मार्ग बंद करने पड़े। इसके चलते पूरा भार मीनाक्षी पुल व जेल रोड पुल पर आ गया। तब जाकर किसी तरह यातायात सुचारू हो सका।
अपर नगर आयुक्त से हाथापाई का विरोध, मांगी 24 घंटे में गिरफ्तारी
अग्रसेन विवाद में रसलगंज पर धरना खत्म होने के बाद नगर निगम में कर्मचारी विरोध में आ गए। यहां अपर नगर आयुक्त से हाथापाई का विरोध करते हुए हड़ताल का ऐलान कर दिया। सेवा भवन पार्क में धरना शुरू कर दिया गया। बाद में अधिकारियों के समझाने पर 24 घंटे में मुकदमा न होने पर शहर में सफाई व नगर निगम कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया गया।
जैसे ही यह खबर नगर निगम पहुंची कि अपर नगर आयुक्त से हाथापाई की गई है। उसके बाद से ही गुबार फूटने लगा। रसलगंज के धरने का खत्म होने का इंतजार होने लगा। धरना खत्म होते ही नगर निगम में कर्मचारी व सफाई कर्मचारी धरने पर बैठ गए। यहां आंदोलन का ऐलान किया गया। बाद में तय किया गया कि अगर अगले 24 घंटे में अपर नगर आयुक्त से हाथापाई करने वालों पर मुकदमा व गिरफ्तारी न हुई तो सामूहिक हड़ताल की जाएगी। इस मौके पर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रॉबिन्न केला, पूर्व अध्यक्ष संजय सक्सेना, सीपी सिंह, विजय गुप्ता आदि थे।
अफसरों को बताया, दी थाने में तहरीर:अरुण कुमार गुप्त
इस मामले में अपर नगर आयुक्त की ओर से भी बन्नादेवी थाने में तहरीर दी गई है। उन्होंने बताया कि पूरा मामला अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। साथ में थाने में दी तहरीर में कहा है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। नियमानुसार द्वार हटवाए गए थे। बृहस्पतिवार को धरने पर उन्हें बुलाया गया तो वहां असमाजिक तत्वों की भीड़ ने हाथापाई करते हुए गाली गलौज की। उन्हें सीसीटीवी के आधार पर वे पहचान सकते हैं। इस मामले में मुकदमे का अनुरोध किया गया है।
सियासी खेमेबंदी को लेकर अंदरखाने आरोप
इस मामले में सियासी खेमेबंदी को लेकर भी अंदरखाने आरोप लगते दिखाई दे रहे हैं। धरनास्थल पर कोई खुलकर तो नहीं बोल रहा था। मगर कहा जा रहा था कि होर्डिंग ठेकेदार एक नेता से जुड़े हैं। इसीलिए ये सब जानबूझकर उन्हीं के इशारे पर किया गया है। इसी क्रम में भाजपा नेता राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने भी बयान जारी कर कहा है कि इस मामले में होर्डिंग ठेकेदार, उनके करीबी भाजपा नेता व अपर नगर आयुक्त की भूमिका की जांच कराई जाए। ताकि सच्चाई सामने आ सके कि ये सब शहर के माहौल को बिगाड़ने के लिए जानबूझकर किया गया है।
रसलगंज चौराहे पर अग्रसेन चौक के सामने नगर निगम खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे अग्र समाज के लोग । अमर ?- फोटो : CITY OFFICE