कलक्ट्रेट में डिफेंस कॉरिडोर निवेशक समन्वय बैठक करते डीएम इंद्र विक्रम सिंह।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभावित जनपद आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। सरकार की पहली प्राथमिकता में शामिल क्षेत्र डिफेंस कॉरिडोर में उद्योग स्थापना में तेजी लाने के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट में निवेशक समन्वय की बैठक हुई। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने प्रत्येक भूखंड आवंटी निवेशकों से निर्माण कार्य प्रारंभ करने में आने वाली कठिनाइयों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों को समस्या निस्तारण के निर्देश दिए।
कुछ उद्यमियों ने उद्योग स्थापना में पेट्रोलियम विभाग का रिफिलिंग सेंटर को देरी का कारण बताया। डीएम ने फायर सुरक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि जो भी कार्य अनुमन्य है, उसे तत्काल अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाए। यूपीडा के अधिशासी अभियंता रविंद्र जायसवाल ने बताया कि स्थापना से संबंधित समस्याओं का निस्तारण उनके द्वारा किया जाएगा, किंतु निर्माण की अनुमति, विद्युत कनेक्शन अथवा अन्य किसी समस्या के निस्तारण के लिए उद्यमियों को यूपी मुख्यालय से ही संपर्क करना होगा।
जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संयुक्त आयुक्त उद्योग को यूपीडा के वरिष्ठ अधिकारियों को एक पत्र प्रेषित कर डिफेंस कॉरिडोर की समस्याओं के निस्तारण के लिए सक्षम अधिकारी की तैनाती करने के लिए कहा। संयुक्त आयुक्त उद्योग वीरेंद्र कुमार ने बताया कि डिफेंस कॉरिडोर में अभी तक कुल 21 निवेशकों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इनमें से मात्र दो इकाइयों द्वारा निर्माण की अनुमति प्राप्त की गई है। इस मौके पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मृणाली जोशी, मोहम्मद ताबिश, तरुण सक्सेना, चंदन अग्रवाल, आकाश अग्रवाल, वीपी बंसल, नवदीप कुमार वार्ष्णेय, रोहित अग्रवाल, अभिषेक जिंदल आदि मौजूद थे।