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कूड़ेे के ढेेर में फेंक दूंगी... रख लो इसे, मुझे नहीं चाहिए यह बच्चा

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मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय में भर्ती बच्चा। साथ में सीएमएस डॉ. रेनू शर्मा। - फोटो : CITY OFFICE
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मां को ममता की प्रतिमूर्ति कहा जाता है, लेकिन सोमवार को एक मां का दूसरा रूप भी देखने को मिला, जब उसने अपने नवजात शिशु को ही अपनाने से इंकार कर दिया। महिला का कहना था कि जबरदस्ती की तो बच्चे को कूड़े के ढेर में फेंक दूंगी। इस बाबत महिला ने लिखकर भी दिया है कि रख लो इसे, मुझे नहीं चाहिए यह बच्चा। पुरानी दिल्ली निवासी इस महिला के बर्ताव को देखकर हर कोई हैरान था। बच्चे को महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया है। वहीं, बच्चे को गोद लेने के लिए कई लोगों ने इच्छा जताई है।
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घटनाक्रम के अनुसार, रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या चार पर सोमवार को एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जानकारी मिलने पर ड्यूटी पर तैनात एसएसआई अमित चौधरी, धीरज चौधरी, कांस्टेबल मोनिका व छाया भी पहुंच गईं। जब तक महिला को अस्पताल ले जाया जाता, तब तक उसने एक बालक को जन्म दे दिया। इसके बाद आरपीएफ कर्मी उसे एंबुलेंस से मोहन लाल गौतम महिला जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जच्चा-बच्चा को स्वस्थ्य बताया। इसी बीच महिला ने बच्चे को लेकर हंगामा शुरू कर दिया और अपनाने से मना कर दिया। महिला का कहना था कि यदि बच्चा दिया तो उसे कूड़े के ढेर में फेंक देगी। महिला ने आरपीएफ कर्मियों को लिखित में भी दे दिया कि रख लो इसे, मुझे नहीं चाहिए यह बच्चा। इसके बाद महिला वहां से चली गई। इधर, जानकारी पर बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए और बच्चे को गोद लेने की इच्छा व्यक्त की।
आरपीएफ पोस्ट कमांडर राजीव वर्मा ने बताया कि महिला पुरानी दिल्ली निवासी है। उसकी मानसिक स्थिति ठीक प्रतीत नहीं हो रही है। फिलहाल, बच्चे को अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में रखा गया है। चाइल्ड लाइन के जरिये उसे आगरा के बालगृह में भेजा जाएगा।
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मोहन लाल गौतम महिला जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ रेनू शर्मा ने बताया कि महिला ने खुद को अविवाहित बताया है। वह दिल्ली में अपने पिता के साथ रहती है। ट्रेन से अकेले गोरखपुर जा रही थी। महिला ने बताया कि उसके पिता को गर्भवती होने की जानकारी थी, लेकिन अन्य लोगों को नहीं थी। लोक लाज व आर्थिक स्थिति सही न होने के कारण उसने बच्चे को अपनाने से इंकार किया था।
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