थाने पर शव रखकर हंगामा करते परिवार वालों को समझाते इंस्पेक्टर
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19 जुलाई को दिल्ली से पोस्टमार्टम के बाद संजय पुत्र नन्नू सिंह का शव लेकर लौटे परिजनों व ग्रामीणों ने गंगीरी थाने में शव रखकर हंगामा किया। वह संजय की मौत पर उसकी पत्नी और प्रेमी के खिलाफ गंगीरी थाने में मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग कर रहे थे। मामले में दिल्ली में मुकदमा दर्ज होने और उस मुकदमे में ही पूरा सहयोग करने का आश्वासन देकर पुलिस कर्मियों ने परिजनों को शांत कराया। तब एक घंटे बाद वह शव लेकर अपने गांव हसनपुर चले गए।
गांव हसनपुर निवासी संजय पुत्र नन्नू सिंह का शव 18 जुलाई की दोपहर दिल्ली के करवल नगर में किराए के कमरे में फंदे पर लटका मिला था। परिजनों का आरोप था कि उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर फंदे पर लटकाकर हत्या कर दी और भाग गए हैं। पांच जुलाई को संजय ने भी गंगीरी थाने में तहरीर दी थी, जिसमें अपनी पत्नी व उसके प्रेमी से जान को खतरा बताया था। परिजन चाहते थे कि उसी तहरीर के आधार पर गंगीरी पुलिस रिपोर्ट दर्ज करे।
इसी के चलते शाम करीब छह बजे थाने में शव रखकर वह हंगामा करने लगे। थाने के पुलिस कर्मियों ने समझाया कि दिल्ली पुलिस ने जो भी रिपोर्ट दर्ज की है, उसमें गंगीरी पुलिस सहयोग कर जो भी आरोपी होगा उस पर कार्रवाई कराई जाएगी।
शव के साथ मौजूद थी मृतक की पत्नी
संजय के शव और ससुराल वालों के साथ उसकी पत्नी भी गंगीरी थाने में मौजूद थी। ससुराल वालों के आरोप पर उसका कहना था कि संजय पहले जिस कमरे में रहते थे, उसी कमरे में वह रह रही है, जबकि उसके पति कुछ समय से दूसरी जगह रहने लगे थे। 18 जुलाई को पति की मौत की खबर लगी। इसके बाद से वह लगातार पति के शव के साथ है। बाद में पति के शव व ससुराल वालों के साथ वह भी गांव हसनपुर चली गई।