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शिक्षण संस्थानों में तिलक लगाकर आने पर भी प्रतिबंध लगना चाहिए : रुबीना

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कर्नाटक हाईकोर्ट ने हिजाब प्रकरण में फैसला सुनाते हुए कहा कि हिजाब इस्लाम का हिस्सा नहीं है। स्कूल व कॉलेज को अपना ड्रेस कोड तय करने का अधिकार है। कोर्ट के फैसले पर लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। किसी का कहना है कि हिजाब के साथ शिक्षण संस्थानों में तिलक लगाकर आने पर भी प्रतिबंध लगना चाहिए तो किसी ने कहा कि स्कूल व कॉलेज में ड्रेस की उपयोगिता अनुशासन के लिए बेहद जरूरी है।
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एएमयू के सुन्नी थियोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रेहान अख्तर ने कहा कि हिजाब इस्लाम का हिस्सा है। संविधान ने धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार दे रखा है। एएमयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष हमजा सूफियान ने कहा कि हिजाब प्रकरण में कर्नाटक हाईकोर्ट ने चौंकाने वाला फैसला सुनाया है, वह संतुष्ट नहीं हैं। हिजाब इस्लाम का हिस्सा है। डॉ. ललित उपाध्याय ने कहा कि बेटियों के हाथ में किताब हो यह जरूरी है। स्कूल व कॉलेज की यूनिफार्म की उपयोगिता अनुशासन के लिए बेहद जरूरी है। सपा नेता रुबीना खानम ने कहा कि स्कूल-कॉलेज में हिजाब के साथ छात्रों के तिलक लगाकर आने पर भी रोक लगनी चाहिए, क्योंकि कानून सबके लिए बराबर है। एम अलशिफा एजूकेशनल एकेडमी जमालपुर की प्रबंधक निशात फातिमा ने कहा कि हिजाब इस्लाम का हिस्सा है। हर कीमती चीज छिपाकर रखी जाती है। इसी तरह समाज के लिए महिलाएं कीमती हैं, जो पर्दे में रहती हैं। अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद सुहैब ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले पर अफसोस जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि भारत की सभी सरकारी संस्थाओं पर भाजपा सरकार ने अपना नियंत्रण रखा है।
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