जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह के कहा कि जिले में उर्वरकों की कमी नहीं है। किसानों को उनकी मांग के अनुसार ही उर्वरक विक्रय केंद्रों पर उपलब्ध होता रहेगा।
उन्होंने बताया कि जून तक यूरिया 21, 313 मीट्रिक टन के सापेक्ष 38,729 मीट्रिक टन प्राप्त हुआ है। डीएपी 7,012 मीट्रिक टन के सापेक्ष 8,894 मीट्रिक टन, एनपीके 44 मीट्रिक टन के सापेक्ष 623 मीट्रिक टन प्राप्त हुआ है। एमओपी 1362 के सापेक्ष 653 मीट्रिक टन, एसएसपी 114 मीट्रिक टन के सापेक्ष 395 मीट्रिक टन उर्वरक प्राप्त हो चुका है। उन्होंने कहा है कि कृषक उर्वरक क्रय करते समय आधार कार्ड और खतौनी अवश्य लेकर जाएं। यदि आप पट्टे पर खेती कर रहे हैं तो खतौनी विवरण साथ लेकर जाएं। उन्होंने फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे कृषकों को उर्वरक निर्धारित मूल्य पर ही उपलब्ध कराएं। क्रेता कृषक को कैश मेमो अवश्य दें। संवाद