जिले की 18 बैंकों के 5.67 लाख खातों में जमा 162.88 करोड़ रुपये का कोई दावेदार नहीं है। यह रकम 10 साल से अधिक समय से निष्क्रिय पड़े खातों में जमा है। इन्हें गैर-दावेदार घोषित कर दिया गया है। अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इन पैसों को खाताधारकों या उनके वारिसों तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। इसके लिए कलेक्ट्रेट में 17 अक्तूबर को शिविर लगाया जाएगा।
ऐसे खाते जिनमें 10 वर्ष तक कोई गतिविधि नहीं होती, उनमें जमा राशि भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की कस्टडी में चली जाती है। अलीगढ़ के अग्रणी बैंक ने इन सभी दावेदारों को 17 अक्तूबर को बुलाया है। यह उन लोगों के लिए एक अवसर है जिनके खाते निष्क्रिय हो गए हैं और जिनमें बड़ी राशि जमा है।
पैसे वापस पाने की प्रक्रिया
खाताधारक या उनके वारिस दावा करके यह राशि वापस ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें संबंधित बैंक में एक आवेदन करना होगा और अपने दावे के अधिकार को साबित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें पहचान प्रमाण, पता प्रमाण, मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि वारिस द्वारा दावा किया जा रहा हो) चाहिए होता है।
- जिले में 5.67 लाख खातों में जमा 162.88 करोड़ रुपये का कोई दावेदार नहीं है। भारत सरकार द्वारा आपकी पूंजी, आपका अधिकार अभियान के तहत इनके आसान व त्वरित निपटान के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय में जागरूकता व समाधान कैंप का आयोजन केनरा बैंक अग्रणी बैंक की ओर से 17 अक्तूबर को किया जा रहा है। - अशोक कुमार सोनी, लीड बैंक मैनेजर