हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज और नरौरा बैराज से गंगा में छोड़े गए पानी ने अतरौली में गंगा का जलस्तर बढ़ा दिया है। यहां गंगा खतरे के निशान तक आ गई है। ग्रामीणों के साथ ही पीएसी को भी सतर्क कर दिया गया है।
इधर, टप्पल क्षेत्र में यमुना के तटीय गांवों में बाढ़ चौकियो के जरिए जलस्तर की निगरानी की जा रही है। एडीएम वित्त एवं राजस्व मीनू राणा ने बताया कि हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज 1,13,767 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे गंगा का जलस्तर 292.30 मीटर हो गया है, जो खतरे के निशान 1.70 मीटर नीचे है। खतरे का निशान यहां पर 294 मीटर पर है। इसी तरह नरौरा बैराज से 3,11,9 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसलिए नरौरा के आसपास गंगा का जलस्तर 178.765 मीटर के करीब है।
यमुना में ओखला बैराज से करीब 200.600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे यमुना का जलस्तर भी में खतरे के निशान तक पहुंच रहा है। एडीएम ने बताया कि अतरौली क्षेत्र में गंगा किनारे वाले गांवों के अलावा साथ ही टप्पल क्षेत्र के यमुना किनारे वाले गांवों में ग्रामीणों को सतर्क करते हुए पूरे हालात पर नजर रखी जा रही है। यमुना में बाढ़ के चलते खेतों एवं आम रास्तों पर पानी भरा होने एवं सड़क मार्ग के टूट जाने से अभी तक हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। गंगा एवं यमुना में जलस्तर पर बाढ़ चौकियों के जरिए निगरानी की जा रही है।