दो मई को त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों का परिणाम आने के बाद से शपथ लेने का इंतजार कर रहे प्रधानों के इंतजार की घड़ियां आखिरकार समाप्त हो ही गईं। अब 25 व 26 मई को उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। शासन ने शनिवार को यह आदेश जारी कर दिया है। कोरोना के चलते इतिहास में पहली बार प्रधान वर्चुअली शपथ लेंगे। जिला पंचायत राज विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के परिणाम दो मई को घोषित हुए थे। इसके बाद प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्राम पंचायत सदस्यों की शपथ होनी थी, लेकिन इस मौके पर कोरोना महामारी के विस्फोट ने सारा मजा किरकिरा कर दिया। इसके चलते निर्वाचित होने के 20 दिन बाद भी प्रधान समेत अन्य पदों के विजयी प्रतिनिधि मनमसोस कर बैठे थे।
सबसे ज्यादा इंतजार प्रधानी के पद को लेकर था। शनिवार को शासन ने नवनिर्वाचित प्रधानों के संबंध में आदेश जारी करके ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों के शपथ ग्रहण की तिथियां घोषित कर दीं। शासन ने सभी जिलों के डीएम को ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों का शपथ ग्रहण 25 से 26 मई के बीच कराने के आदेश जारी कर दिए। संगठित ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक 27 मई को आयोजित करने का भी निर्देश दिया है।
407 प्रधानों को अभी भी करना होगा इंतजार
शासनादेश के बावजूद जिले में मात्र 460 प्रधान ही शपथ ले पाएंगे। शेष बचे जिले के 407 प्रधानों को अभी भी शपथ लेने के लिए लंबा इंतजार करना होगा। दरअसल ग्राम पंचायत सदस्यों के पद रिक्त रह जाने के कारण उनका सदन पूरा नहीं है। शासनादेश के मुताबिक ग्राम पंचायत में प्रधान और कम से कम दो तिहाई सदस्यों का निर्वाचित होना अनिवार्य है। इस वजह से उन्हें ग्राम पंचायत सदस्यों के उपचुनाव होने तक इंतजार करना ही होगा। बताते चलें कि जिले में कुल 867 ग्राम पंचायतें हैं।
5 हजार ग्रामपंचायत सदस्य लेंगे शपथ
प्रधानों के साथ जिले के 5 हजार ग्राम पंचायत सदस्य भी पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। शेष बचे 6 हजार सदस्यों के पद खाली हैं। इन्हें उप चुनाव के जरिए भरा जाएगा। बताते चलें कि जिले में ग्राम पंचायत सदस्यों के 11 हजार वार्ड हैं।
- शासन ने ग्राम प्रधानों की शपथ के लिए 25 व 26 मई की तिथि निर्धारित की है। 27 मई को ग्राम पंचायतों की प्रथम बैठक होगी। इसकी तैयारी की जा रही है। उन्हें वर्चुअली शपथ दिलाई जाएगी।
- पारुल सिसौदिया, जिला पंचायत राज अधिकारी