फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मर्जी से किया एग्रीमेंट, परिजन कर रहे उत्पीड़न

Fri, 04 Dec 2015 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
महानगर के जगदीश प्रसाद कसेरे परिवार की जमीन के कथित फर्जीवाड़े में फंसे भाजपा नेता संदीप चाणक्य, भाजपा जिला उपाध्यक्ष ठा. शल्यराज सिंह आदि के लिए राहत की खबर है।
विज्ञापन


राहुल ने उन पर लगाए गए आरोपों को झूठा करार दिया है। राहुल की मानें तो वह अपने पिता, भाई व पत्नी के उत्पीड़न से तनाव में था। इसेे परिजनों ने पागलपन करार देने की कोशिश की।

पागलखाने तक में जबरन डलवाया। राहुल का कहना है कि उसने अपनी जमीन का एग्रीमेंट अपनी मर्जी से सोच-समझकर किया है। यह बात उसने तीन दिन पहले विवेचक और क्षेत्राधिकारी तक को बता दी है।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को दीवानी परिसर में वकीलों से रायशुमारी करने पहुंचे राहुल पहली बार इस प्रकरण पर ‘अमर उजाला’ प्रतिनिधि से खुलकर बोले। उन्होंने कहा कि वह अपनी मर्जी से व्यापार करना चाहता था।

 मगर परिवार वाले इसके लिए राजी नहीं थे। उसे टार्चर किया जाने लगा। जब घर में तनाव बढ़ा तो उसे धीमे जहर के रूप में रात को नींद सहित अन्य तरह की दवाइयां दी जाने लगीं। दवा न लेने पर पीटा जाता था।

उसे दिल्ली के पागलखाने में भी जबरन डलवा दिया गया। जहां से भागकर दिल्ली के बसंतकुंज थाने पहुंचा और वहां थाना प्रभारी को पूरी बात बताई। चूंकि मामला नितांत पारिवारिक था, इसलिए दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।

इसके बाद वह एक होटल में रुकने पहुंचा। जहां रुपये खत्म होने पर उस पर चोरी का आरोप लगाकर जेल भिजवाया दिया गया। दिल्ली की तिहाड़ जेल में वह डेढ़ माह तक रहा। परिजनों ने जमानत तक नहीं कराई।

राहुल की मानें तो परिवार द्वारा पागलखाने भिजवाने से पहले उसने व्यापार करने के इरादे से अपने परिचितों को अपनी मर्जी से अपनी जमीन के हिस्से का इकरारनामा किया। यह बात परिवार को नागवार लगी।

उन्होंने महज इसलिए उसे पागलखाने भिजवाया दिया कि जमीन का बैनामा न कर सकूं । इसी बीच पत्नी को बरगला कर उसके माध्यम से बैनामे पर अड़चन के इरादे से परिजनों ने भाजपा नेताओं पर झूठे मुकदमा दर्ज करा दिए।

अब वह गोपनीय तरीके से नोएडा में रह रहा है। उसे अपने परिजनों से जान का खतरा है। नोएडा में रहकर व्यापार स्थापित करने की प्लानिंग है।

परिजनों के डर से वह खुद को गोपनीय बनाए हुए है। दो दिन पहले पत्नी से बात करने के सवाल पर कहा कि मैंने अपने बच्चे से बात करने के लिए एक परिचित के फोन से फोन मिलवाया था। पत्नी ने बेटे से बात कराने के लिए कोई रेस्पांस नहीं दिया तो फोन काट दिया।

इस दौरान ऐसी कोई बात नहीं हुई कि मुझे किसी से जान का खतरा है। पत्नी, पिता व भाई मनगढ़ंत कहानियां बना रहे हैं। इस मामले में पूर्व में डीआईजी को बता चुका हूं। अमर उजाला के पास इस पूरी बातचीत की वीडियो रिकार्डिंग मौजूद है। इसके अलावा विवेचक के सामने राहुल के बयान की सीडी भी मौजूद है।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें