एएमयू के फाइन आर्ट्स विभाग में महिला के संघर्ष को कैनवास पर उतारतीं सोनी।
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रसोई की चारदीवारी में सिमटी कहानी सिर्फ चूल्हे और बर्तनों तक सीमित नहीं है। इसके पीछे एक ऐसी महिला भी है, जो घर और बाहर की जिम्मेदारियां निभाते-निभाते कहीं न कहीं अपने अस्तित्व को तलाशती रहती है। इसी अनकही वेदना और आत्मसंघर्ष को एएमयू के फाइन आर्ट्स विभाग की बीएफए तृतीय वर्ष की छात्रा सोनी सारस्वत ने अपनी पेंटिंग में उकेरा है।
सोनी की पेंटिंग में महिला घर के साथ बाहर की रसोई में भी जिम्मेदारियां निभाती नजर आती है। दिनभर दूसरों के लिए काम करने के बाद जब वह अपने घर लौटती है और खुद को रसोई में देखती है तो उसके भीतर का खालीपन सामने आता है। कैनवस पर उभरे रंग और दृश्य उस मानसिक स्थिति को व्यक्त करते हैं, जिसमें जिम्मेदारियों के बीच महिला खुद के लिए जगह तलाशती है।
सोनी ने बताया कि पेंटिंग के जरिये उन्होंने महिलाओं की वेदना को कैनवस पर उतारने का प्रयास किया है। महिलाएं घर और बाहर की रसोई के बीच वह अपने अस्तित्व के लिए लगातार संघर्ष करती हैं।