महानगर के कोतवाली इलाके के भुजपुरा नगला आशिक अली में रविवार सुबह भैंसों के विवाद में दो समुदाय आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट हुई। इस दौरान दोनों पक्षों में पथराव से भगदड़ मच गई। मारपीट व पथराव में आधा दर्जन लोग घायल हो गए। खबर पर कई थानों का पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया।
अधिकारियों ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों से सात लोगों को शांतिभंग में गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
कोतवाली क्षेत्र के नगला आशिक अली निवासी गिर्राज किशोर पुत्र जानकी प्रसाद सुबह करीब आठ बजे अपने घर के बाहर बैठे थे। इस दौरान शाहबुद्दीन का बेटा अपनी भैंसों को चराने ले जा रहा था। जिस पर गिर्राज ने उससे भैंसों को पकड़कर ले जाने को कहा।
इसी बात पर दोनों में विवाद हो गया। शाहबुद्दीन का बेटा दौड़ता हुआ अपने मोहल्ले में गया और अपने पक्ष के लोगों को बुला लाया। आरोप है कि आते ही उन लोगों ने गिर्राज के घर पर हमला बोल दिया। यहां लाठी-डंडों से मारपीट कर दी। इस पर आसपास के लोग भी अपने घरों से निकल आए।
दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आने पर पथराव होने लगा, जिससे वहां भगदड़ मच गई। खबर पर कोतवाली, सासनीगेट आदि थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। एडीएम सिटी श्यामबहादुर सिंह, एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव, सीओ प्रथम राजकुमार सिंह, एसओ आदि आ गए।
पुलिस के पहुंचने से पूर्व दूसरे पक्ष के लोग अपनी बाइकों को लेकर भाग गए। अधिकारियों ने गुस्साए लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। इस झगड़े में विनोद, जानकी प्रसाद, अभिषेक, विमल, विशाल आदि घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।