जिले के विभिन्न सरकारी अस्पताल, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात 11 चिकित्सक पिछले पांच वर्षों से नदारद हैं। अब इन चिकित्सकों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है।
जिले के 16 सीएचसी पर करीब 251 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। प्रत्येक सीएचसी पर करीब सात विशेषज्ञ चिकित्सक के पद अनिवार्य है। इसका मकसद ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना है, लेकिन इन अस्पतालों पर चिकित्सकों की भारी कमी है। वर्तमान में करीब 50 चिकित्सकों की तैनाती है। बाकी 201 चिकित्सकों के पद रिक्त हैं।
तैनात चिकित्सकों के अलावा 11 चिकित्सक करीब पांच साल से नदारद हैं। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने अलीगढ़ मंडल से ऐसे गायब चिकित्सकों की सूची मांगी थी।
जांच में पाया गया कि कई डॉक्टर ज्वाइन करने के महज एक-दो महीने बाद ही ड्यूटी से गायब हो जाते हैं, जिससे अस्पतालों में पद रिक्त रह जाते हैं और मरीजों को परेशानी होती है। स्वास्थ्य विभाग ने इन डॉक्टरों को बार-बार नोटिस जारी किए, लेकिन किसी ने भी कोई जवाब नहीं दिया। विभाग ने अब शासन को विस्तृत रिपोर्ट भेजकर इन 11 चिकित्सकों की बर्खास्तगी की सिफारिश की है।
ये चिकित्सक हैं नदारद
चिकित्सक का नाम-सीएचसी
डॉ. उजमा खान-अतरौली
डॉ. रोहित-गंगीरी
डॉ.मो. आरिफ-खैर
डॉ. अनिल कुमार-अतरौली
डॉ.फरान खान-अकराबाद
डॉ. आफिया खान-लोधा
डॉ. अंकुर जैन-अकराबाद
डॉ. साक्षी चौधरी-गभाना
डॉ. फहद खुर्शीद आजमी-गोंडा
डॉ.मोहित भाटी-टप्पल
डॉ.प्रशांत कुमार-जवां
जिले में 11 चिकित्सक लंबे समय से ड्यूटी पर नहीं आ रहे है। इनको कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन इनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। ऐसे में लंबे समय से नदारद इन चिकित्सकों की सूचना शासन को भेज दी गई है। अब इन पर शासन स्तर से बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ