जेएन मेडिकल कॉलेज में पहली बार पहुंचे एनएबीएच (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर) के निरीक्षण के बाद संस्थान को ए ग्रेड मान्यता मिलने की उम्मीदें तेज हो गई हैं। टीम ने व्यवस्थाओं को संतोषजनक माना, हालांकि कुछ कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश भी दिए हैं।
आसान शब्दों में कहें तो यह गुणवत्ता से जुड़ी प्रमाण प्रक्रिया है। इसका मतलब है कि साफ सुथरा अस्पताल, समय पर मरीजों का इलाज सहित कई मानकों पर निरीक्षण किया जाता है। प्रत्येक मानक पास होने के बाद ही ए ग्रेड का प्रमाण मिलता है जिसका फायदा रैंकिंग में उछाल से लेकर अस्पताल की सेवाओं को गुणवत्ता पहचान दिलाने तक है।
जानकारी के अनुसार, एनएबीएच टीम ने ओपीडी, वार्ड, लैब सहित विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान कुछ छोटी खामियां सामने आईं, जिन्हें सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। प्राचार्य प्रो. अंजुम परवेज ने बताया कि टीम कॉलेज की सुविधाओं से संतुष्ट नजर आई। बताई गई कमियों को शीघ्र ही दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मान्यता मिलने से न केवल मेडिकल कॉलेज की रैंकिंग में सुधार होगा, बल्कि मरीजों को भी बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
एनएबीएच मान्यता क्यों खास
. इलाज में त्रुटियों की संभावना कम
मरीजों की सुरक्षा और अधिकारों पर विशेष फोकस
प्रशिक्षित डॉक्टर व स्टाफ की उपलब्धता