शासन स्तर से निलंबन आदेश जारी होने के बाद पूरे जिला पंचायत राज विभाग में खलबली मची हुई है। चर्चा तो यह भी है कि इस मामले में अन्य अधीनस्थों की भूमिका की जांच कराई जा सकती है।
हाईकोर्ट से जुड़े अवमानना के एक मामले की पैरवी में लापरवाही सामने आने पर निलंबित हुए जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) धनंजय जायसवाल ने 12 दिसंबर को कार्यभार छोड़ दिया। अब उच्चाधिकारी शासन के अग्रिम आदेश के आने तक जल्द ही किसी अधिकारी को डीपीआरओ का अतिरिक्त कार्य सौंप सकते हैं।
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शासन स्तर से निलंबन आदेश जारी होने के बाद पूरे जिला पंचायत राज विभाग में खलबली मची हुई है। चर्चा तो यह भी है कि इस मामले में अन्य अधीनस्थों की भूमिका की जांच कराई जा सकती है। इस संबंध में सीडीओ प्रखर कुमार सिंह का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में शासन के किसी भी अग्रिम आदेश के आने का इंतजार है। इसके बाद ही किसी अधिकारी को डीपीआरओ का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा जाएगा।