यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा है कि भाजपा टिकट वितरण में सर्वे में टॉप पर रहने वाले नेताओं को वरीयता दी जाएगी। यही सर्वे टिकट वितरण का आधार बनेगा। कल्याण सिंह रविवार को जयपुर से स्टेट प्लेन से अलीगढ़ पहुंचे।
शाम पांच बजे उन्होंने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। यहां पर उन्होंने जिलाध्यक्ष देवराज सिंह से लखनऊ रैली में जा रहे भाजपाइयों के बारे में जानकारी की तो पता चला कि 48 बसों से कार्यकर्ता लखनऊ जा रहे हैं। इनता सुनते ही बोले कि मोदी जी तो डेढ़ बजे तक लखनऊ पहुंचेंगे। इसके बाद उन्होंने सबसे नाम सहित परिचय पूछा और नए साल की बधाई दी। कुछ देर तक सबसे मिलने के बाद वह चले गए। कल्याण सिंह सोमवार को धर्म समाज कालेज में लाइब्रेरी का शुभारंभ करेंगे। पांच जनवरी को कार्यकर्ता उनका जन्मदिन मनाएंगे। यहां उनसे मिलने वालों में ठा. रघुराज सिंह, अभिमन्यु राज सिंह, मुकेश लोधी, रामसखी कठेरिया, नरेंद्र वर्मा, ठा. गोपाल सिंह, अनेक पाल सिंह, चंद्र मणि कौशिक, भाजपा के अलीगढ़ लोकसभा पालक सुनील पांडेय, अरुण फौजी, सुशील मित्तल, मीना कुमारी सहित कई भाजपा नेता शामिल रहे।
इस दौरान धनीपुर हवाई पट्टी पर जिलाधिकारी राजमणि यादव, एसएसपी राजेश पांडेय, एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह, एसपी राज पैलेस में भी 500 से अधिक भाजपाई मौजूद रहे। यहां पर बलिया, एटा, कासगंज, हाथरस सहित तमाम शहरों से भाजपा के टिकट के दावेदार आए थे।
मारहरा से टिकट मांगा मंजरी ने
प्रदेश के पहले यादव मुख्यमंत्री राम नरेश यादव की पुत्री शशांक मंजरी यादव भी राज्यपाल कल्याण सिंह से मिलीं और एटा की मारहरा विधानसभा सीट से भाजपा का टिकट मांगा है। उन्होंने कल्याण सिंह के समक्ष अपनी दावेदारी पेश की। मंजरी ने बताया कि उनके पिता प्रदेश के पहले यादव मुख्यमंत्री बने थे। अब वह विधानसभा चुनाव लड़कर जनता की सेवा करना चाहती हैं। मैं पहले भाजपा की प्रदेश कार्य समिति की सदस्य भी रही हूं।