जैम पोर्टल पर सेवा प्रदाता कंपनियों के माध्यम से मनरेगा कर्मचारियों की भर्ती किए जाने समेत दस सूत्री मांगों को लेकर मनरेगा के संविदा कर्मियों की बृहस्पतिवार से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल एक दिन ही चल सकी। लखनऊ में संगठन के प्रांतीय पदाधिकारियों से वार्ता के उपरांत अपर मुख्य सचिव ने मांगों पर विचार के लिए तीन दिन का समय मांगे जाने के बाद शुक्रवार से कर्मचारी काम पर लौटने को सहमत हो गए हैं।
शासन ने हाल ही में आदेश जारी कर मनरेगा कर्मियों की भर्ती जैम पोर्टल पर सेवा प्रदाता कंपनियों के माध्यम से करने के आदेश दिए हैं। इस व्यवस्था में 10-12 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को भी दोबारा से पंजीकरण के लिए कहा गया है। इन कर्मचारियों में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, लेखा सहायक, तकनीकि सहायक, कंप्यूटर आपरेटर, रोजगार सहायक शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश मनरेगा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सभी संविदाकर्मी मनरेगा के प्रभारी उपायुक्त को एक ज्ञापन भी दे चुके हैं। इसमें दस सूत्री समस्याओं के समाधान की मांग की। कर्मचारियों ने एलान किया था कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो फिर वह कार्य बहिष्कार के साथ ही अनिश्चितकालीन हड़ताल भी करेंगे।
बृहस्पतिवार को सभी कर्मचारी कलमबंद हड़ताल पर चले गए। इस दौरान कर्मचारी कार्यालय तो आये, लेकिन काम नहीं किया। इस मामले में मनरेगा कार्मिक कल्याण संगठन के प्रांतीय पदाधिकारियों की अपर मुख्य सचिव से लखनऊ में वार्ता हुई।
सचिव ने मांगों पर विचार करने के लिए तीन दिन का समय मांगा है। संगठन के स्थानीय अध्यक्ष राजवीर सिंह ने बताया कि अपर मुख्य सचिव से वार्ता के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल फिलहाल स्थगित कर दी गई है। कर्मचारी शुक्रवार से काम पर लौटेंगे।
इस मौके पर ग्राम रोजगार संघ के जिलाध्यक्ष कुशलपाल सिंह, तकनीकि सहायक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आदेश शर्मा, लेखा सहायक मनरेगा के जिलाध्यक्ष जगदीश सक्सेना, मनरेगा कार्मिक कल्याण संघ के मंडल अध्यक्ष व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी राजवीर सिंह, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी सुशील कुमार गौतम, विक्रम अवस्थी, अमित श्रीवास्तव, पंकज सेंगर, रूपक शर्मा समेत अन्य उपस्थित रहे।