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अलीगढ़ : शरद हत्याकांड में नहीं हो सके आरोपियों के बयान

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रामघाट रोड इलाके के चर्चित बाइकर्स गैंग की गैंगवार में मारे गए शरद गोस्वामी हत्याकांड का मुकदमा निर्णय की दहलीज पर पहुंच गया है। इस मुकदमे में मंगलवार को आरोपियों के बयान दर्ज कराने संबंधी तारीख नियत थी। मगर पुलिस की चुनावी व्यस्तता के चलते पीआई न आने के कारण बस्ती व अलीगढ़ जेलों में निरुद्ध दो आरोपी नहीं आ सके। इसलिए आरोपियों के बयान दर्ज नहीं हो सके। अब इस मामले में न्यायालय ने 22 मार्च तारीख नियत कर आरोपियों को तलब किया है।
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रामघाट रोड पर बाइकर्स गैंग की गैंगवार में वर्ष 2016 में सिलसिलेवार दो हत्याएं हुई थीं। जिनमें पहली हत्या एक गुट के बाइकर्स शरद गोस्वामी की क्वार्सी थाने के बगल में की गई थी। इस हत्याकांड के मुकदमे में कुल 11 आरोपी जेल भेजे गए, जिनमें से एक की मौत हो चुकी है। बाकी 10 में से दो मुख्य आरोपी बाइकर्स सजल चौधरी लंबे समय से बस्ती जेल में है, जबकि दूसरा पंकज अलीगढ़ जेल में है। आठ आरोपी जमानत पर बाहर हैं। इस मामले में अभियोजन की ओर से सभी गवाहों की गवाही व साक्ष्य आदि की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वादी पक्ष के अधिवक्ता नीरज चौहान के अनुसार एडीजे-8 की अदालत में विचाराधीन मुकदमा निर्णय की दहलीज पर आ गया है। मंगलवार को मुकदमे में 313 के तहत आरोपियों के बयान दर्ज करने के लिए तारीख नियत थी। मगर जेल में निरुद्ध दोनों आरोपी नहीं आ सके। इसलिए अब इस मामले में 22 मार्च तारीख नियत की गई है। अधिवक्ता नीरज चौहान के अनुसार अब अगली तारीख पर यही प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।
तारिक हत्याकांड में भी नहीं हुई बस, अब 11 तारीख नियत
अलीगढ़। बाबरी मंडी में सांप्रदायिक विवाद में हुई मो. तारिक की हत्या के मुकदमे में मंगलवार को बहस की प्रक्रिया नहीं हो सकी। एडीजे-प्रथम की अदालत में विचाराधीन मुकदमे में बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की ओर से समय मांगे जाने के कारण न्यायालय ने अब 11 मार्च तारीख नियत कर दी है। बता दें कि इस मुकदमे में भाजपा नेता विनय वार्ष्णेय आरोपी है। यह मुकदमा भी निर्णय की दहलीज पर है। चूंकि मुकदमे की सुनवाई की अदालत बदली है। इसलिए पुन: बहस होनी है। इसके बाद निर्णय की प्रक्रिया होगी।
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