जिला मुख्यालय से करीब 12 किमी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैर से करीब आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंडला में पिछले करीब 20 वर्षों से बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते यहां पर वैक्सीन भी स्टोर नहीं की जाती। एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को सीएचसी खैर जाना पड़ता है। अस्पताल में सप्ताह में केवल तीन दिन वैक्सीन को आइस बॉक्स में रखकर लाया जाता है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण भी रविवार, बुधवार और शनिवार को ही हो पाता है। गर्मियों में हवा खाने के लिए अस्पताल स्टाफ ने ही अपने निजी खर्चे से एक सोलर प्लेट लगाकर पंखे और बल्व जलाने की सुविधा कर रखी है।
अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। परिसर में चारों ओर झाड़ियां उगी हुई हैं और आवास खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। कोई भी कर्मचारी यहां स्थायी रूप से रहने को तैयार नहीं है। स्वास्थ्य सेवाएं सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ही उपलब्ध रहती हैं। इसके बाद यदि किसी की तबीयत खराब हो जाए तो उसे खैर या अलीगढ़ अस्पताल ले जाना पड़ता है।
बाउंड्रीवॉल भी कम ऊंचाई वाली है, जिसके चलते कई बार चोरी के प्रयास हो चुके हैं। पानी के लिए हैंडपंप लगा हुआ है, लेकिन शाम होते ही शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। यहां पर शराब की बोतलों, पाउचों के अलावा गंदगी पड़ी रहती है। पूर्व में बनाई गई पानी की टंकी भी बिजली न होने के कारण कभी उपयोग में नहीं आ सकी है और आंधी में टूटकर गिरने से लोहे के ढांचे में तब्दील हो चुकी है।।
स्टाफ के नाम पर केवल डॉ.तबस्सुम अयाज, फार्मासिस्ट संजीव कुमार और एलटी रजा उल्लाह तैनात हैं। वार्ड ब्यॉय और स्वीपर की नियुक्ति नहीं की गई है। प्रसव के लिए महिलाओं को खैर या अलीगढ़ जाना पड़ता है। टीकाकरण के दौरान एएनएम गीता शर्मा, रमा चौहान, अंजू विमल और मंजू क्रमवार आती हैं। करीब 30 हजार की ग्रामीण आबादी इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। अस्पताल मेंचिकित्सा सुविधा उपलब्ध न होने के कारण गांव ककोला, भानोली, अंडला, रायट, बिहारीपुर, हैवतपुर, मुकुटपुर, खेरिया, नगला साध समेत कई गांवों के ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं।
- गांव ककोला के बुजुर्ग रामेश्वर शर्मा का कहना है कि वह इस अस्पताल में पिछले 20 वर्ष से आ रहे हैं। यहां पर बिजली कनेक्शन ही नहीं है तो बिजली कहां से आएगी। बिजली न होने से कई चिकित्सा सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।
- कपिल रावत निवासी गांव अंडला का कहना है एंटी रेबीज सहित अन्य वैक्सीन के लिए खैर या अलीगढ़ जाना पड़ता है। 24 घंटे उपचार सुविधा उपलब्ध न होने पर भी क्षेत्रवासी परेशान हैं।
अंडला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से विद्युत लाइनों की दूरी काफी अधिक है। जिसके चलते कई बार प्रयास किए गए, लेकिन विद्युत व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो पाई है। परिसर में भी कई बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। इस दृष्टिकोण से सोलर लाइट वहां सुरक्षित नहीं है। जल्द ही प्रयास कर विद्युत व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। - रोहित भाटी, सीएचसी अधीक्षक।